मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार प्राचीन चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहन के लिए प्रयासरत है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान राज्य में 250 आयुष वेलनेंस सेंटर शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों में अलग-अलग पैकेज के माध्यम से विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा और वन विभाग के सहयोग से 500 से अधिक नए हर्बल गार्डन विकसित किए जाएंगे। ये उद्यान न केवल गुणवत्तापूर्ण औषधियों का उत्पादन करेंगे, बल्कि राज्य में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की शुरुआत के साथ इस क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति देखने को मिली।
स्वास्थ्य संस्थानों में विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ राज्य सरकार प्रदेश में प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को भी बढ़ावा दे रही है। जीवनशैली संबंधी विकार जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप के उपचार व रोकथाम में आयुष पद्धति नई सोच पैदा कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत किसानों को औषधीय पौधों के क्लस्टर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे किसानों को कृषि आधारित आर्थिकी को बढ़ाने के लिए औषधीय पौधों की खेती चुनने का अवसर मिलेगा। भारत में कुछ आयुर्वेदिक औषधीय पौधों और मसालों का उपयोग कई प्रकार की सामान्य बीमारियों के लिए घरेलू उपचार में सदियों से किया जाता है। ऐसे में सरकार के यह प्रयास निश्चित तौर पर सुलभ चिकित्सा के नए द्वार खोलेंगे।