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Shimla News: सुखविंद्र सुक्खू बोले- बजट में दृष्टिबाधितों के लिए लाएंगे योजनाएं

Mon, 04 Dec 2023 05:27 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सोमवार को दृष्टिबाधित व्यक्तियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। 
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दृष्टिबाधित संघ ने सचिवालय के पास किया प्रदर्शन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सोमवार को दृष्टिबाधित व्यक्तियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट कर उन्हें विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए उपयुक्त पदों की पहचान करेगी। राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। आगामी बजट में इन वर्गों के उत्थान के लिए योजनाएं शामिल की जाएंगी। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, मुख्य संसदीय सचिव राम कुमार चौधरी, विधायक नीरज नैय्यर व सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव विवेक भाटिया भी मौजूद रहे।

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इससे पूर्व दृष्टिबाधित संघ ने सचिवालय के समीप छोटा शिमला बस स्टॉप पर प्रदर्शन करते हुए बैकलॉग के पदों पर जल्द भर्तियां करने, सेवानिवृत्ति की आयु को 58 से बढ़ाकर 60 साल करने और पदोन्नति के लिए लिखित परीक्षा न करवाने की मांग रखी। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बैकलॉग की भर्तियों को लेकर जारी अधिसूचना में कई त्रुटियां हैं। दृष्टिबाधितों को नौकरी के लिए शैक्षणिक योग्यता में छूट देने का आश्वासन पूरा नहीं हुआ है। दृष्टिबाधित लोगों के अधिकारों से संबंधित बहुत सी मांगें लंबे समय से लंबित हैं।

डी श्रेणी की नौकरी के लिए 35 वर्ष से अधिक आयु के दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को सभी शैक्षणिक योग्यताओं से छूट देने संबंधी प्रदेश सरकार की योग्य अधिसूचना को तत्काल प्रभाव से अक्षरश: लागू किया जाना चाहिए। रोजगार के लिए उन दृष्टिबाधित उम्मीदवारों पर बहुत विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, जो प्राथमिकता के आधार पर किसी भी प्रकार की नौकरी के लिए अधिकतम आयु सीमा को पार कर चुके हैं या करने वाले हैं। दिव्यांगता पेंशन की राशि दोगुनी की जानी चाहिए। राज्य में दृष्टिबाधित कर्मचारियों को केवल 750 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि ज्यादा है। उन्होंने दृष्टिबाधित कर्मचारियों को बायोमीट्रिक मशीनों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करने की छूट देने की मांग भी की।

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