प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई ऊर्जा नीति पर जयराम सरकार पर निशाना साधा है। सुक्खू ने आरोप लगाया कि जयराम सरकार को सत्ता में आए हुए अभी चार महीने हुए हैं, सरकार ने इस कार्यकाल में हिमाचल के हितों को बेचना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की नई ऊर्जा नीति से प्राकृतिक संसाधनों के साथ खिलवाड़ करने में लगी है। सरकार अपफ्रंट प्रीमियम को खत्म कर चहेतों को लाभ पहुंचाने की कोशिश में है।
उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत सैकड़ों बिजली प्रोजेक्टों की पहले 12 साल रॉयल्टी को माफ कर बाद में प्रदेश के पर्यावरण और जल संसाधनों को मुफ्त में बेचा जाएगा। पूर्व सरकार के समय बिजली प्रोजेक्टों से एक हजार करोड़ रुपये का प्रीमियम आया था।
कहीं जयराम सरकार उसे भी अपनी चहेती पॉवर कंपनियों को लौटाने की तैयारी तो नहीं कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि अगर प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं लगाने को लेकर नए निवेशक आगे नहीं आ रहे और पुरानी
योजनाएं क्रियान्वित नहीं हो रही हैं तो इसका अर्थ यह नहीं कि प्रदेश के संसाधनों को ही बेच दिया जाए। सुक्खू ने सरकार को सलाह दी है कि वह अपफ्रंट प्रीमियम खत्म करने के साथ ही नीति में किए गए अन्य प्रावधानों पर भी पुनर्विचार करे।