सुजानपुर से सीमेंट प्लांट बाघा तक निशुल्क प्लास्टिक कचरा ले जाना था। फिर भी एक फर्म को 1.56 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह मामला नगर परिषद सुजानपुर में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग सामग्री के परिवहन का है। अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड बाघा के साथ शहरी निकायों के समझौता ज्ञापन के अनुसार प्लास्टिक कचरे की निशुल्क ढुलाई होनी थी। परिषद की अप्रैल 2024 से लेकर मार्च 2025 की ऑडिट रिपोर्ट ने इस मामले में दुर्विनियोजन की आशंका व्यक्त की है।
नगर परिषद पर अनावश्यक और अनधिकृत वित्तीय भार डालने वाला बताते हुए इस राशि की वसूली करने को कहा गया है। अंकेक्षण के दौरान चार मार्च 2025 के वाउचर संख्या 1176 की जांच में पाया गया कि नगर परिषद ने मैसर्स न्यू प्रेम रोड लाइन को सुजानपुर से अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट बाघा तक प्लास्टिक रिसाइक्लिंग सामग्री पहुंचाने के लिए 1,56,016 रुपये का भुगतान किया। यह भुगतान दो बिलों के आधार पर 14 ट्रिप के लिए किया गया।
ऑडिट के अनुसार आठ दिसंबर 2023 को अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड और हिमाचल प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों के बीच हुए एमओयू की धारा बी (10) में प्रावधान था कि सीमेंट की आपूर्ति के बाद लौटने वाले ट्रकों की बैकलोड क्षमता से प्लास्टिक कचरे का परिवहन निशुल्क किया जाएगा। बावजूद नगर परिषद ने प्लास्टिक कचरे के परिवहन के लिए निविदा आमंत्रित कर दी। निविदा में परिवहन की दर 9,950 रुपये प्रति ट्रिप सभी करों समेत निर्धारित थी। 14 ट्रिप के लिए 1,39,300 रुपये का भुगतान बनता था, लेकिन नगर परिषद ने 12 प्रतिशत अतिरिक्त जीएसटी के रूप में 16,716 रुपये जोड़कर कुल 1,56,016 रुपये का भुगतान कर दिया। ऑडिट ने अतिरिक्त जीएसटी के भुगतान पर भी आपत्ति दर्ज की है।