एचआरटीसी की बस से अचानक उठने लगा धुआं
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सवारियों से भरी एचआरटीसी बस में मंगलवार सुबह लिफ्ट बस स्टॉप पर आग लग गई। बस दाउंटी से पुराने बस अड्डे की ओर आ रही थी। इंजन से धुआं उठते ही चालक ने सभी सवारियां को बस से उतार दिया। सुबह यह बस शिमला से पुजारली स्कूल के बच्चों को छोड़ने गई थी। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। छोटा शिमला और माल रोड से फायर टेंडर को मौके पर बुलाया गया। प्राथमिक जांच में बस में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। बस में आग लगने के चलते कार्ट रोड पर सड़क के दोनों ओर ट्रैफिक रोक दिया गया। बस में लगी आग को बुझाने में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने भी सहयोग दिया।
2015 में शिमला आई थी बस
8 साल पुरानी यह बस जेएनएनयूआर के तहत मार्च 2015 में शिमला आई थी। 23 मार्च को बस आरटीओ शिमला के पासा पंजीकृत हुई। बस की फिटनेस 8 मार्च 2024 तक है। बस में आग लगने के कारणों की जांच के लिए यूनिट स्तर पर कमेटी गठित की है। आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक), डब्ल्यूएम (कार्य प्रबंधक) और जेटीओ को सदस्य बनाया है। क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में बस में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट लग रहा है। मैकेनिकल रिपोर्ट आने के बाद ही असल कारणों का खुलासा हो सकेगा।
स्कूल बसों की जांच के लिए उपायुक्त को पत्र
उच्च न्यायालय की अधिवक्ता शीतल व्यास ने उपायुक्त शिमला को पत्र लिखकर शहर के स्कूली बच्चों के लिए चल रही एचआरटीसी बसों की जांच की मांग गई है। शीतल व्यास ने कहा कि स्कूल टाइम पर चल रही अधिकतर बसें पुरानी हैं। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूर्व में न्यायालय में याचिका भी दर्ज की जा चुकी है। स्कूल टैक्सियों में भी ओवरलोडिंग होती है इसलिए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।