हिमाचल प्रदेश के अंब से दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन तक शनिवार को लगभग सात करोड़ से विद्युतीकरण के कार्य का फाइनल निरीक्षण हुआ। इसमें हरी झंडी मिलने से अब बिजली चालित ट्रेन चलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। उत्तर रेलवे के सीसीआरएस (चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) शैलेंद्र पाठक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी शैलेंद्र पाठक अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन से विद्युतीकरण का फाइनल ट्रायल करते हुए दौलतपुर चौक पहुंचे। उन्होंने विशेष पूजा और नारियल फोड़ने के पश्चात इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। अंब से दौलतपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 13 मिनट में पहुंची। यातायात निरीक्षक नरेश विज, स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र कुमार मलिक, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक वीरेंद्र कात्यायन भी मौजूद रहे।
शैलेंद्र पाठक ने बताया कि अंब-अंदौरा रेलवे से दौलतपुर चौक स्टेशन तक विद्युतीकरण के 15 किलोमीटर कार्य का फाइनल ट्रायल सफल रहा है। अब दौलतपुर चौक से हर आने जाने वाली ट्रेन इलेक्ट्रिक इंजन से चलेगी। पहले अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन तक इलेक्ट्रिक ट्रेन चलती थी। इसके आगे 15 किलोमीटर ट्रैक पर दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन तक डीजल इंजन से ट्रेन का आवागमन होता था। इनमें दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन से जयपुर व दिल्ली तक चलने वाली ट्रेन शामिल थीं।
ओएचसी डिपो और ट्रेन बैगन शेड का शुभारंभ
अंब-अंदौरा रेलवे स्टेशन पर बने ओएचसी डिपो एवं ट्रेन बैगन शेड का भी शुभारंभ किया गया। डिपो के भवन निर्माण पर करीब 2.60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर ओम गिरी ने बताया कि ओएचसी डिपो में रेल ट्रैक की विद्युत लाइनों की मरम्मत करने के लिए स्टाफ रहेगा।