इस परियोजना में जिला चंबा के गांव सलाबग में एक जल संरक्षण पनिहार का निर्माण 7,40,000 रुपये की लागत से वर्ष 2022-23 में पूरा किया गया। इससे गांववासियों की पानी की कमी दूर हुई, जबकि उन्हें हर वर्ष गर्मियों में पेयजल संकट से जूझना पड़ता था। इसलिए स्प्रिंग शेड का निर्माण किया गया। जलस्रोत के ठीक ऊपर जंगल में परकोलेशन पोंड बनाया गया। नाले में वेजिटेटिव चेक डैम बनाए गए और बांस के पौधे लगाए गए। इस प्रक्रिया ने यहां पर सलाबग गांव के 30 से 40 लोगों की पानी की समस्या को दूर कर दिया। अब यहां पर गर्मियों में पेयजल संकट नहीं है। पहले एक लीटर पानी दो मिनट में स्टोर होता था, जो अब 25 से 30 सेकंड में होता है। इस परियोजना में ऐसे प्रयोग कई अन्य गांवों में भी किए गए हैं। नागेला, भटुईं और बंजाल में भी स्प्रिंगशेड बनाने का प्लान मंजूर हुआ है। इस परियोजना में 87 वर्मी कंपोस्ट पिट बनाए गए। जिला चंबा के किरी बंजाल क्षेत्र में देवदार, कैंथ, दाडू़ आदि का पौधरोपण किया गया, जिनका सर्वाइवल रेट 80 फीसदी तक है।