इस दौरान फोटो स्टूडियो में प्रो. रवि, हेमंत समेत अन्य बैठे थे। तभी सुंदरनगर से माता उमा देवी आईं और घर का बड़ा बेटा होने के कारण उन्होंने जाने से मना कर दिया। तब स्टूडियो में बैठे प्रोफेसरों ने बधाई दी तो माता भेजने के लिए तैयार हो गईं। इसके बाद दुकान का जिम्मा दोनों भाइयों पर छोड़ दिया।
दिल्ली में ट्रेनिंग के बाद 1985 में मुंबई पहुंच गए और कई फिल्मों में काम किया। वे अभी तक चार फिल्में बना चुके हैं, जिन्हें कई अवॉर्ड प्राप्त हो चुके हैं। हाल में उन्होंने वनरक्षक ग्लोबल वार्मिंग फिल्म तैयार की है। पवन शर्मा ने बताया कि नए कलाकार काम नहीं सीखना चाहते हैं। वे सीधे ही करने लग जाते हैं। इसी वजह से वे पिछड़ रहे हैं। किसी भी काम के लिए संघर्ष करना बेहद जरूरी है।