कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि सरकार ने कीटनाशकों और फफूं दनाशकों में उपदान देना बंद कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।
सरकार हमेशा किसानों और बागवानों के हितों में काम करती रही है और भविष्य में भी उनके हितों की रक्षा की जाती रहेगी। किसानों को उपदान में देसी गाय उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों के प्रशिक्षण और गायों को उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पहले ही 25 लाख की बजट निर्धारित किया है।
गायों पर उपदान देने के पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि हिमाचल में श्वेत क्रांति लाई जाए। यह प्रोजेेक्ट पशुपालन विभाग और कृषि विभाग संयुक्त रूप से चलाएगा।
सचिवालय में मंगलवार को कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों और बागवानों को कीटनाशकों और फफूंदनाशकों पर उपदान जारी रखेगी। राज्य सरकार शून्य लागत बजट खेती का नाम बदलकर प्राकृतिक खेती, खुशहाल किसान योजना करने जा रही है।
इस योजना का नाम इसलिए बदला जा रहा कि किसानों को सरकार प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित कर रही है। किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है। अभी तक पालमपुर में 89 स्कूलों और कुफरी में 787 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है।