14 जीटीसी कि कमान संभाल रहे ब्रिगेडियर राकेश सिंह राणा स्टेडियम में पहुंचे। सेना वाहन में ब्रिगेडियर राकेश सिंह राणा दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया। स्टेडियम के मुख्य द्वार से भीतर की ओर सेना के धर्मगुरु के साथ सेना की एक टुकड़ी राष्ट्रीय गीत की धुन पर तिरंगा लिए नवागत जवानों के पास पहुंची।
हिमाचल प्रदेश के 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र सुबाथू में बुधवार को शपथ लेने के बाद 175 जवान सरहद की रक्षा के लिए तैयार हैं। 148 और 149 कोर्स के इन जवानों को 42 सप्ताह की कड़ी ट्रेनिंग के बाद भारतीय सेना में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ। सुबाथू के सलारिया स्टेडियम में यह शपथ ग्रहण समारोह करवाया गया। इसमें खास बात यह रही की दो साल बाद परिजनों को इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल किया गया। समारोह में नेपाल सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों अभिभावक यहां पहुंचे।
विज्ञापन
इससे पहले ट्रेनिंग सीओ कर्नल शलभ पुण परेड का निरीक्षण करने पहुंचे और उप कमांडेंट कर्नल राजेश मेहत्ता ने परेड का जायजा लिया। शपथ ग्रहण शुरू होते ही आरपी सीएचएम की सिटी बजी। 14 जीटीसी कि कमान संभाल रहे ब्रिगेडियर राकेश सिंह राणा स्टेडियम में पहुंचे। सेना वाहन में ब्रिगेडियर राकेश सिंह राणा दीक्षांत परेड का निरीक्षण किया। स्टेडियम के मुख्य द्वार से भीतर की ओर सेना के धर्मगुरु के साथ सेना की एक टुकड़ी राष्ट्रीय गीत की धुन पर तिरंगा लिए नवागत जवानों के पास पहुंची।
धर्म गुरु सूबेदार मुनेंद्र प्रसाद रतूड़ी ने जवानों को गीता पर हाथ रखवाकर जरूरत पड़ने पर देश की रक्षा में कुर्बान होने की शपथ दिलवाई। इसके बाद ट्रेनिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सात जवानों को ब्रिगेडियर राणा ने सम्मानित किया। सेंटर की परंपरा के अनुसार बेस्ट रिक्रूट माधव खांमचा को गोरखा के जात्तिय हथियार चांदी की खुखरी से सम्मानित किया।
विज्ञापन
स्टेडियम में धुएं के साथ हुआ धमाका
सेना मैदान में अचानक चारों तरफ धुआं फैल गया ओर धमाके शुरू हुए। धुएं के बीच से सेना की एक टुकड़ी हाथों में खुखरी ओर मुंह पर काला पेंट लगाकर निकलती है। लग रहा था कि युद्ध शुरू हो गया है। इस बीच ही बांसुरी और मृदंग की धुन पर सभी जवान खुखरी नृत्य का प्रदर्शन करते दिखे।
होटल सुविधा को लेकर अभिभावक हुए नाराज
शपथ ग्रहण समारोह में नेपाल से सुबाथू पहुचे जवानों के अभिभावकों ने एक निजी होटल व्यवस्था को लेकर नराजगी जताई। अभिभावकों ने बताया कि होटल में तय की गई राशि देने के बावजूद ठंडे पानी से नहाना पड़ा, स्नान घर में भी ज्यादा सुविधाएं नहीं दी गई। अभिभावकों की शिकायत सेना अधिकारियों को भी दी।