एक फरवरी से खुलने जा रहे स्कूलों में खांसी, बुखार और जुकाम के लक्षण वाले विद्यार्थियों को नहीं आने की अपील की गई है। शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को जारी निर्देशों में कहा है कि व्हाट्सएप के माध्यम से अभिभावकों को हिदायत दी जाए कि अगर उनके बच्चों में कोई इस तरह के लक्षण हैं तो उन्हें पूरी तरह से ठीक होने तक स्कूल न भेजें। इसके अलावा शिक्षकों को भी एहतियात बरतने के लिए कहा है, पूरी तरह से स्वस्थ होने पर ही शिक्षकों को स्कूल आने के लिए कहा गया है। हालांकि अगर कोई शिक्षक अस्वस्थ हो तो उन्हें सरकारी अस्पताल के डॉक्टर की पर्ची प्रिंसिपल को दिखाने पर ही स्कूल न आने से छूट मिलेगी।
नौवीं, जमा एक कक्षा और कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने पर प्रिंसिपल एक दिन छोड़कर निर्धारित संख्या का पालन करते हुए इन कक्षाओं को लगा सकेंगे। माइक्रो प्लान देने को कहा है। विद्यार्थियों के आने-जाने का समय और लंच ब्रेक का भी अलग-अलग समय तय करना होगा। प्रिंसिपलों को इसका शेड्यूल तय करना होगा। परिसरों में रिटायरमेंट पार्टियों सहित अन्य सामूहिक आयोजन पर रोक रहेगी। प्रार्थना सभाएं नहीं होंगी।