हिमाचल के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बच्चे अब रट्टा लगाकर पाठ याद नहीं करेंगे। प्रारंभिक कक्षाओं में स्मार्ट तरीके से पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके लिए एनर्सीईआरटी की ओर से सूबे के 354 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। शिमला से प्रशिक्षण लेकर जाने वाले यह शिक्षक ब्लाक स्तर पर 41 हजार अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशालय में सोमवार को प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने पहले चरण के पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। 14 से 18 अक्तूबर तक पहले चरण और 19 से 23 अक्तूबर तक दूसरे चरण का प्रशिक्षण चलेगा। सोमवार को शुरू हुए प्रशिक्षण में बिलासपुर, चंबा, सिरमौर, शिमला, लाहौल स्पीति, किन्नौर और सोलन जिला के 140 शिक्षक शामिल हुए।
शेष जिलों के शिक्षक दूसरे चरण में प्रशिक्षित होंगे। प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने बताया कि शिक्षकों के क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के महत्व को ध्यान में रखते हुए अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम निष्ठा की शुरूआत की गई है। निष्ठा कार्यक्रम अध्यापक व विद्यालय प्रमुखों की क्षमता में बढ़ोतरी करेगा। उन्होंने बताया कि स्टेट रिसोर्स ग्रुप को एनसीईआरटी से आए प्रोफेसर प्रशिक्षण देंगे।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, उच्च शिक्षा निदेशालय और एसएसए के सभागार में आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में शिक्षकों को सीखने के प्रतिफल, विद्यालय आधारित आकलन, विषय विशेष आधारित शिक्षण शास्त्र और शिक्षार्थी केंद्रीय शिक्षण शास्त्र से अवगत कराया जाएगा। स्कूल सुरक्षा और पोक्सो एक्ट के प्रति भी शिक्षकों को जागरूक किया जाएगा। प्रधान सचिव ने बताया कि एनसीईआरटी की ओर से अध्यापकों को पठन सामग्री दी जाएगी।