सात दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के समापन समारोह में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने घोषणाओं की झड़ी लगा दी। उन्होंने देवी-देवताओं का नजराना पांच फीसदी तो दूरी भत्ता 25 फीसदी बढ़ाने की घोषणा की। बजंतरियों के भत्ते को भी 15 फीसदी बढ़ाने का एलान किया। यही नहीं, सीएम ने देवताओं के प्रत्येक गूर को पहली बार एक हजार रुपये अलग से भत्ता देने की घोषणा भी की।
सीएम ने हरिपुर और मणिकर्ण दशहरा आयोजन राशि को 75 हजार से एक-एक लाख रुपये, वशिष्ठ दशहरा उत्सव मनाने की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये की है। सीएम ने विश्व शांति के लिए दशहरा में पहली बार 2200 बजंतरियों के एक साथ देवधुन बजाने और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल होने की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अगले साल इस देवधुन को और बेहतर किया जाएगा। देवधुन को विश्व रिकॉर्ड में शामिल करने के प्रयास किए जाएंगे।
अलग-अलग है भत्ता राशि
तीन सौ साल बाद इस बार कुल्लू दशहरे में 280 देवी-देवता पहुंचे थे। इन देवी-देवताओं को मिलने वाली नजराना राशि अलग-अलग है। सबसे अधिक नजराना राशि भगवान रघुनाथ को दी जाती है। दूरी भत्ता भी अलग-अलग है। 40 से 50 किलोमीटर की दूरी से आने वाले देवी-देवताओं को क्रमश: 2000, 3000 रुपये दिए जाते हैं। बजंतरियों को प्रति देवता दस-दस हजार की राशि तय की गई है।