एनसीईआरटी के नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2017-18 के दूसरे चरण के तहत हिमाचल के 811 स्कूलों में परीक्षा हुई। 24297 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया था। स्कूल शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूलों में परीक्षा का आयोजन हुआ था।
सिर्फ एक फीसदी ने लिए 76 से सौ प्रतिशत के बीच अंक
गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी विषय में सिर्फ एक-एक फीसदी विद्यार्थियों के अंक 76 से 100 प्रतिशत के बीच हैं। हिंदी में आठ फीसदी विद्यार्थियों के 76 फीसदी से अधिक अंक हैं।
चार जिलों ऊना, कुल्लू, सिरमौर और चंबा के परिणाम राज्य औसत से भी कम हैं। शिमला, मंडी, किन्नौर, कांगड़ा और बिलासपुर के परिणाम राज्य औसत के बराबर हैं। सोलन, हमीरपुर और लाहौल-स्पीति के परिणाम राज्य औसत से अधिक हैं।
सर्वे से सामने आईं कमियों को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस सर्वे से कई तथ्य सामने आए हैं। ऐसे नतीजे दोबारा न आएं, इसके लिए शिक्षक संगठनों से चर्चा की जा रही है। शिक्षकों की जवाबदेही भी तय की जा रही है।- डॉ. अरुण कुमार शर्मा, शिक्षा सचिव, हिमाचल सरकार