विवि की साख को दागदार करने वाले इन खूनी संघर्षों के बाद डैमेज कंट्रोल का यह पहला प्रयास सफल रहा है। लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि छात्र गुट किस हद तक अपनी बात पर अमल करेंगे।
प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने बताया कि छात्रावासों में हुई हिंसक घटनाओं के कारण भयभीत होकर छात्रावास छोड़ कर चले गए आम छात्रों और डे स्कालर को तीनों संगठन नेताओं ने आश्वस्त किया है कि अब ऐसी घटना नहीं होगी। वह नियमित तौर पर कक्षाओं में पहुंचे अपनी पढ़ाई करें।
आम छात्रों को भरोसा दिलाने के मकसद से मंगलवार शाम चीफ वार्डन, संबंधित छात्रावास के वार्डन और सुरक्षा अधिकारी के साथ छात्र संगठनों के एक-एक नेता हर छात्रावास में जाकर आम छात्रों को भरोसा दिलाएंगे कि अब ऐसी कोई घटनाएं नहीं होंगी। चौहान ने कहा कि मारपीट मामले की जांच पुलिस खुद करेगी, इसमें विवि कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा।
प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान हिंसा मामले की जांच को कुलपति द्वारा बनाई उच्च स्तरीय कमेटी के चेयरमैन भी हैं। इन्हें बुधवार को जांच की रिपोर्ट कु लपति को सौंपनी है। मंगलवार को हुई इस बैठक के बाद कैंपस में हालात काफी सुधरे हैं।
बैठक में मुख्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश चौहान चौहान, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. कमलजीत सिंह, डीन प्लानिंग एवं शिक्षक मामले प्रो. अरविंद कुमार भट्ट, चीफ वार्डन प्रो. नैन सिंह मौजूद रहे।
वहीं पुलिस ने छात्र गुटों में हुई मारपीट मामले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चार कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है। इसकी पुष्टि एसपी ओमापति जंबाल ने की है।
विवि प्रशासन द्वारा छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बुलाई बैठक में एबीवीपी की ओर से कुमारी हेमा ठाकुर, अश्वनी और अंकित चंदेल, एसएफआई की ओर से अमित ठाकुर, दिनीत दैंटा तथा अनिल नेगी, एनएसयूआई की ओर से राजेश शर्मा, प्रवीन और वीनू मेहता मौजूद रहे। इन सभी ने परिसर में शांतिपूर्ण माहौल बनाने में सहयोग करने और किसी भी अवांछनीय घटना में संलिप्त न होने की बात पर सहमति प्रकट की।
मीडिया के सामने एकसाथ नजर आए छात्र प्रतिनिधि
प्रशासन के साथ हुई इस बैठक से बाहर निकलने के बाद तीनों छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने मीडिया के सामने बैठक में बनी सहमति का खुलासा किया। बैठक में लिखित में हिंसा मुक्त परिसर बनाने की बनी सहमति को दोहराया।