वाईएस परमार छात्रावास से शिफ्ट होते छात्र।
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने छात्रों को डॉ. वाईएस परमार छात्रावास को शुक्रवार शाम पांच बजे तक हर हाल में खाली करने का अल्टीमेटम दिया था। इसके तहत पुलिस की मौजूदगी में छात्रों ने हॉस्टल को खाली कर दिया है। डॉ. परमार छात्रावास के वार्डन ने 22 अगस्त को जारी फरमान में हॉस्टल में रह रहे सभी छात्रों को अल्टीमेटम के साथ साफ कहा था कि यदि वे पांच बजे तक छात्रावास को खाली नहीं करते हैं, तो उनकी छात्रावास की सुविधा स्थायी तौर पर छीन ली जाएगी।
यही नहीं, उनकी छात्रावास की धरोहर राशि को जब्त करने की बात भी कही थी। विवि प्रशासन ने इसी सत्र से पहले ब्वॉयज हास्टल में सत्र समाप्ति पर छात्रावासों की सीटों पर नए छात्रों को सीटें आवंटित करने की प्रक्रिया को बदलने का फरमान सुनाया था। योजना थी कि छात्रावास में पीजी कोर्स में नए प्रवेश लेने वाले छात्रों को ही कमरे आवंटित किए जाएंगे। जो यहां पहले से रह रहे हैं, उन्हें दूसरे छात्रावासों में शिफ्ट कर दिया जाएगा। भले ही उनमें शोध छात्र भी शामिल क्यों न हों।
तानाशाही कर रहा विवि प्रशासन : एसएफआई
एसएफआई की विवि इकाई के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर और सचिव जीवन ठाकुर ने छात्रावासों को जबरन खाली करवाने को विवि प्रशासन की तानाशाही करार दिया है। छात्र नेताओं ने कहा कि विवि प्रशासन ने छात्रावास खाली न करने पर अड़े पुराने छात्रों पर मानसिक दबाव बनाने का प्रयास किया है। कुछ को आदेश न मानने पर निष्कासित तक करने की मौखिक चेतावनी दी है। आरोप लगाया है कि छात्रावास खाली करवाने के पीछे एक योजना है , जिसका पर्दाफाश आने वाले समय में हो जाएगा।
बिना छात्रावास नए विद्यार्थियों को मुश्किल
विवि के एकेडमिक शेडयूल के मुताबिक बीस जुलाई तक नया सत्र शुरू होेना चाहिए था, मगर प्रवेश प्रक्रिया में तमाम अव्यवस्थाओं के चलते हुई देरी के चलते अगस्त के पहले पखवाड़े में ही कक्षाएं शुरू हुई हैं। वहीं, छात्रावास के आवंटन की प्रक्रिया में भी देरी हुई है। अब तक विवि चीफ वार्डन कार्यालय सिर्फ छात्राओं को छात्रावास आवंटन की प्रक्रिया तक को पूरा नहीं कर पाया है। इस कारण नए प्रवेश लेने वाले मेरिट में आने पर छात्रावास सुविधा के लिए पात्र सैकड़ों अभ्यर्थी अभी तक ब्वॉयज हास्टल में सीटें आवंटित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें मजबूरन रिश्तेदारों के यहां या फिर किराये के कमरे में रहना पड़ रहा है।