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शहर जाम होने से ढाई घंटे ताराहाल स्कूल में रोकने पड़े छोटे बच्चे

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शाम पांच बजे स्कूल पहुंच पाईं टैक्सियां, कुछ अभिभावक स्कूल से पैदल ले आए बच्चे
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग पर हुए कर्मचारियों के विधानसभा घेराव और सड़क पर प्रदर्शन के कारण वीरवार को शहर में दोपहर बाद तक जाम लगा रहा। इस कारण विद्यार्थियों को घर वापस लौटने में भारी परेशानी झेलनी पड़ी। जाम से शहर के लोरेटो कान्वेंट ताराहाल की टुटू, शोघी, तारादेवी की ओर जाने वाली छात्राओं को करीब ढाई घंटे तक स्कूल में रोके रखना पड़ा।
स्कूल तक इन क्षेत्रों से आने वाली टैक्सियां जाम में फंसी रहीं। इस कारण छात्राओं को स्कूल प्रशासन ने स्कूल में ही रोके रखा। शाम करीब पांच बजे इन क्षेत्रों से टैक्सी पहुंचने के बाद ही छात्राओं को भेजा गया। शहर के अन्य स्कूलों सेंट एडवर्ड, ऑकलैंड हाउस स्कूल सहित दयानंद, डीएवी लक्कड़ बाजार के अलावा केवी जाखू से अभिभावकों को बच्चे पैैदल ही घर लाने पड़े। विधानसभा से लेकर क्रॉसिंग तक घंटों तक प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाए रखा। विधानसभा से बालुगंज की ओर जाने वाली सड़क से निजी वाहनों की आवाजाही प्रशासन ने बंद कर दी थी। इस कारण अभिभावक बच्चों को निजी वाहन से भी वापस नहीं ले जा सके।
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पीजी परीक्षार्थियों को भी हुई परेशानी
विवि की वीरवार से पीजी की परीक्षाएं भी शुरू हो गईं। जाम के कारण विवि आने जाने में परीक्षार्थियों को भी परेशानी पेश आई। सुबह नौ से बारह बजे के सत्र में अपीयर हुए छात्र छात्राओं को सुबह के समय बसें जरूर मिलीं लेकिन उन्हें वापसी पैदल ही करनी पड़ी। दोपहर दो से पांच बजे के सत्र की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को विस, बालुगंज क्रॉसिंग सड़क के बंद रहने से चौड़ा मैदान होकर पैदल ही सफर करना पड़ा। इससे कुछ परीक्षार्थी देरी विवि पहुंचे।
कोई सब्जी उठाकर चला पैदल
तो कोई नहीं पहुंच पाया स्कूल
जाम से परेशान लोगों ने जताई नाराजगी
शिमला। डेढ़ बजे चौड़ा मैदान से सब्जी का थैला उठाकर जा रही बुजुर्ग महिला रमेश कुमारी ने बताया कि उन्हें मालूम नहीं था कि बसें नहीं चलेंगी। उन्होंने सब्जियां खरीद लीं, अब उन्हें मजबूरन सब्जी मंडी से समरहिल के एमआई रूम तक का करीब सात किलोमीटर का सफर पैदल करना पड़ रहा है।
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कोहबाग की बुजुर्ग लीलावती अपने किसी रिश्तेदार को देखने आईजीएमसी जा रही थी। लेकिन बसें न चलने से लीलावती को अपनी रिश्तेदार मीना के साथ पैदल ही क्रॉसिंग से लेकर आईजीएमसी पहुंचना पड़ा। समरहिल एंदड़ी निवासी शशि शर्मा ने बताया कि वह चौड़ा मैदान सड़क बंद होने से दयानंद में पढ़ने वाले बच्चों को लेने नहीं पहुंच पाए। बच्चा अपने आप ही पैदल घर पहुंच गया। कामना देवी के तेजराम शर्मा ने बताया कि पांच बजे के बाद वह आईजीएमसी से अपनी पत्नी को लेने के लिए नहीं जा पाए। इन्हें पैदल ही चौड़ा मैदान तक आना पड़ा। कारोबारी राकेश शर्मा ने कहा कि विस के दौरान होने वाले इस तरह के प्रदर्शनों से आम लोग परेशान होते हैं। प्रदर्शनों के लिए प्रशासन और सरकार को ऐसे स्थान चिन्हित करने चाहिए जिससे लोगों को कोई दिक्कत न हो।
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