कोरोना के संक्रमण से बचने को हिमाचल पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत शराब पीकर वाहन चलाने वालों की चेकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्रेथ एनालाइजर के इस्तेमाल पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। इस संबंध में मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
हालांकि निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस मियाद के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने का मामला सामने आने पर आरोपी को अब सीधे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जाएगा। पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीजीपी सीताराम मरडी ने बताया कि वायरस के खतरे को देखते हुए यह निर्देश दिए गए हैं। इस मियाद को घटाया-बढ़ाया जा सकता है।
प्रदेश सरकार ने मास्क और सैनिटाइजर को अनिवार्य वस्तुएं घोषित कर दिया है। अब कारोबारी और दवा विक्रेता इन वस्तुओं की जमाखोरी नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर कारोबारियों को सजा होगी। केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 में संशोधन करते हुए 2 और 3 परत वाले मास्क और एन-95 मास्क, सैनिटाइजर को अनिवार्य वस्तुएं घोषित किया है। प्रदेश सरकार ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में यह आदेश 30 जून, 2020 तक लागू होेंगे।
कारोबारियों और दवा विक्रेताओं को लगानी होगी रेट लिस्ट
कारोबारियों और दवा विक्रेताओं को दुकानों के बाहर मास्क और सैनिटाइजर की रेट लिस्ट भी लगानी होगी। ऐसा न करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।