भविष्य में किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए भी प्रतिबंधित
तीनों बर्खास्त सहायक प्रोफेसरों को भविष्य में किसी अन्य सरकारी नौकरी के लिए भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। साल 2021 और 2024 में छात्राओं ने इन सहायक प्रोफेसरों के खिलाफ शिकायतें दी थीं। शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक जांच के बाद तीनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया था और गुरुवार को इनकी बर्खास्तगी के आदेश जारी हुए।
बर्खास्त शिक्षकों पर ये हैं आरोप
विभाग के मुताबिक, डॉ. वीरेंद्र पर बीएससी की छात्रा ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आरोपी छात्रा को व्हाट्सएप पर निजी संदेश भेजकर परेशान करता था। आरोप है कि वह छात्रा को एक दिन अपने घर ले गया, जहां उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की। दूसरे मामले में सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय नादौन में बीएससी की छात्रा ने केमिस्ट्री के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिल कुमार पर गंभीर आरोप लगाए थे। छात्रा ने शिकायत में बताया था कि प्रैक्टिकल कक्षा के दौरान प्रोफेसर ने बार-बार अनुचित तरीके से उसे छुआ और अशोभनीय हरकत की। तीसरे मामले में फाइन आर्ट्स कॉलेज की छात्रा ने कथक के सहायक प्रोफेसर पवन कुमार पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। छात्रा का आरोप है कि 23 जनवरी 2024 को वह उसे अपने घर ले गया और जबरन दुष्कर्म का प्रयास किया।