निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि प्रोस्पेक्टस या स्कूल के अन्य दस्तावेजों में दर्शाई गई फीस ही लेनी होगी। निदेशालय ने जिला उप निदेशकों को निजी स्कूलों के औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से अपील की है कि अगर कोई स्कूल दोबारा ऐडमिशन लेता है तो शिक्षा निदेशालय या जिला उपनिदेशक कार्यालयों में इसकी शिकायत की जाए। तथ्यों के साथ शिकायत करने वाले अभिभावकों के नामों का खुलासा नहीं किया जाएगा।
व्यवसायिक गतिविधियों पर भी रोक
शिमला। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों में कॉपियां, किताबें, जूते या वर्दी बेचने जैसी कोई भी व्यावसायिक गतिविधियां भी नहीं हो सकेंगी। निजी स्कूल अभिभावकों को इसके लिए विवश भी नहीं कर सकते।