महापौर ने लाइटें दुरुस्त करने का किया था दावा अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में बरसात के मौसम में शहर के कई इलाकों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह है कि लाइटें खराब होने के कारण लोगों को अंधेरे में धक्के खाते हुए या मोबाइल की रोशनी का सहारा लेकर चलना पड़ रहा है। वहीं नगर निगम के विकास करवाने के दावे भी अंधेरे में खोने लगे हैं।
हैरानी की बात यह है कि महापौर के वार्ड छोटा शिमला में भी कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इसके अलावा ढली और बैम्लोई समेत कई इलाके ऐसे हैं, जहां लंबे समय से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत नहीं हुई है। इस वजह से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में सड़कों पर फिसलन बढ़ने के कारण अंधेरे में सफर करना और भी खतरनाक हो गया है।
नगर निगम के पूर्व महापौर राकेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कुछ समय पहले दावा किया था कि एक सप्ताह के भीतर शहर की स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद शहर की सड़कों पर लोगों को लाइटें खराब होने के कारण परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ढली चौक से सब्जी मंडी तक, छोटा शिमला में अंकुर डे स्कूल के आसपास के क्षेत्र और बैम्लोई में भी लाइटें खराब चल रही हैं। इसके अलावा खलीनी चौक के समीप से हिमलैंड की ओर जाने वाले पैदल रास्ते में भी अंधेरा पसरा रहता है। उन्होंने नगर निगम से शहरवासियों की दिक्कतों को देखते हुए जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने की मांग की है।