सच में यकीन कीजिए। बैल ने कुछ ऐसा कारनामा कर डाला कि पढ़कर आप भी पेट पकड़कर हंसने लगेंगे। पढ़िए आखिर क्या हुआ ऐसा। लावारिस पशुओं का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों को जान बचाने के लिए पेड़ों पर चढ़ना पड़ रहा है। बल्हसीणा में भी गत दिवस कुछ ऐसा ही मामला सामने आया। लावारिस बैल से बचने के लिए महिला और पुरुष पेड़ पर चढ़ गए।
बैल भी पेड़ के नीचे उनके उतरने का इंतजार करता रहा। लगभग दो घंटे तक दोनों पेड़ पर ही लटके रहे। मामला हिमाचल के बिलासपुर जिले का है। विकास खंड झंडूता की पंचायत बल्हसीणा, बरठीं, बलोह, बडगांव, सुन्हाणी और गेहड़वीं में लावारिस पशुओं के आतंक से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नीचे बैल करता रहा दोनों का इंतजार
बैल और गायों ने पहले किसानों की जहां गेहूं की फसल को चट कर दिया है। अब बाजारों में पहुंचकर यह पशु आतंक मचा रहे हैं। इससे लोगों का चलना फिरना मुश्किल हो गया है। बल्हसीणा में एक महिला और पुरुष बैल से बचने के लिए लगभग दो घंटे पेड़ पर लटके रहे। गौरतलब है कि आवारा बैल कई लोगों की जान भी ले चुके हैं। दर्जनों लोगों को जख्मी कर चुके हैं। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के जिला उपप्रधान जसवंत सिंह चंदेल, सुखदेव सिंह, बिशन सिंह, जगदीश सिंह, हरी सिंह, तरसेम सिंहने बताया कि गायों और सांडों ने सभी पंचायतों में अपना डेरा जमाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पूर्व बल्हसीणा की एक दस वर्षीय बच्ची पर बैल ने जानलेवा हमला कर दिया था। इससे वह बुरी तरह से जख्मी हो गई। उसका इलाज चल रहा है। बताया कि अपनी फसलों और जानमाल को बचाने के लिए उन्होंने कई बार पंचायत व प्रशासन से भी गुहार लगाई लेकिन प्रशासन व सरकार ने कोई कदम नहीं उठाए। चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह सरकार और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ने के लिए विवश हो जाएंगे।