बारिश और अंधड़ से 118047 हेक्टेयर भूमि पर 39.40 करोड़ की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
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हिमाचल में बारिश और अंधड़ से 118047 हेक्टेयर भूमि पर 39.40 करोड़ की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बीते आठ अप्रैल से बार-बार आंधी और तूफान से सबसे ज्यादा तबाही शिमला और कांगड़ा जिले में हुई है।
सेब और आम बागवानों की बंपर फसल की उम्मीद टूट चुकी है। यह खुलासा फसलों को हुए नुकसान का आंकलन कर तैयार की गई प्रदेश उद्यान विभाग की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा नुकसान सेब और आम की फसलों को हुआ है।
ओलावृष्टि ने सेब की फसल को चौपट कर दिया है। ऊपरी शिमला में जगह-जगह ओलावृष्टि से सेब की ड्रॉपिंग मई माह में ही शुरू हो गई है। सेब के जो फल बचे हैं, वे दागदार हो गए हैं। प्रदेश उद्यान विभाग के निदेशक डीपी भंगालिया ने कहा कि प्रदेश में खराब मौसम के कारण 118047 हेक्टेयर भूमि पर 39.40 करोड़ की फसलों को नुकसान हुआ है।
पहाड़ियों पर बर्फबारी, जानिए मौसम का हाल
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है।
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जनजातीय क्षेत्र भरमौर में सोमवार दोपहर बाद अचानक पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू हो गई। उपमंडल में ताजा हिमपात कुगति, चौबिया, सुपा, बड़ग्रां की पहाड़ियों पर हुआ है। इससे समूचा क्षेत्र शीत लहर की चपेट में आ गया है। सोमवार दोपहर को भरमौर का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
पांच जून तक साफ रहेगा मौसम
हिमाचल में पांच जून तक मौसम साफ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान जताया है। रविवार रात और सोमवार सुबह बारिश से प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को ऊना में सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
शिमला में 22.8, सुंदरनगर में 30.8, भुंतर में 31, धर्मशाला में 30.6, नाहन में 29.5, सोलन में 27.4, कांगड़ा में 32, मनाली में 22.6, मंडी में 32.3, हमीरपुर में 34.4, बिलासपुर में 34.7, चंबा में 33.2 और केलांग में 23.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।