परिणामस्वरूप, रोगी का उपचार धीमा हो जाता है। इसके अलावा, कीमोथैरेपी में गैर-लक्षित दवा वितरण के कारण शरीर में दवाओं का अंधाधुंध वितरण अभी भी बीमारी के लिए मौजूदा उपचारों की एक और सीमा है।
शोध का नेतृत्व कर रहीं डॉ पूनम नेगी ने कहा कि एंटीसेंसर दवा वितरण प्रणाली का ढेर मौजूद हैं, जिसने स्वस्थ ऊतकों और ठोस ट्यूमर के बीच मौजूद पीएच के मामूली अंतर का फायदा उठाया है।
इस शोध में स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पूनम नेगी, पीएचडी छात्रा चेतना, जम्मू-कश्मीर से डॉ. दीपक पठानिया, प्रो. भुवनेश गुप्ता शामिल हैं।
दुनिया को बड़े खतरे से बचाने में मिलेगी मदद
कैंसर सबसे जटिल बीमारियों में से एक है और दुनिया भर में मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार 2030 तक वैश्विक कैंसर मृत्यु दर 45 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत होने की आशंका है।
कैंसर का सटीक कारण अभी भी एक रहस्य बना हुआ है, जबकि दुनिया भर के डॉक्टर और शोधकर्ता इसके इलाज को खोजने और मौजूदा तरीकों और उपचारों को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।