राजधानी में लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने की कवायद शुरू, दो महीने तक चलेगा अभियान
निगम ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, कुत्तों की सूचना देने पर तुरंत मौके पर पहुंचेगी निगम की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक से जनता को राहत दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। नगर निगम ने कुत्तों की नसबंदी का अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के पहले ही दिन 12 कुत्तों को पकड़कर नसबंदी की गई है।
इसके अलावा नगर निगम ने शहरवासियों के लिए पहली बार हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। लोग 98052-01916 पर लावारिस कुत्तों से जुड़ी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी रिहायशी काॅलोनी में लावारिस कुत्ते घूम रहे हैं, तो तुरंत इनकी सूचना हेल्पलाइन नंबर पर दी जाए। सूचना मिलते ही निगम की टीम मौके पर पहुंच जाएगी और लावारिस कुत्तों को पकड़ लेगी। शहर में दो महीने तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सभी 34 वार्डाें में घूम रहे लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने का लक्ष्य रखा गया है।
निगम प्रशासन के अनुसार छह माह से अधिक आयु के सभी लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। निगम ने ऐसे कुत्तों की पहचान का भी तरीका बताया है। जिन कुत्तों की नसबंदी हो चुकी है, उनकी पहचान के तौर पर इनके बाएं कान में हल्का कट लगाया जाता है। यदि कट नहीं है तो लोग इसकी सूचना दे सकते हैं। नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. चेतन चौहान ने कहा कि दो माह तक युद्धस्तर पर इस अभियान को चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दिए हैं सख्त निर्देश, जल्द और मिलेंगे डॉक्टर
राजधानी में लावारिस कुत्तों के आतंक से राहत दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी नगर निगम और पशुपालन विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद निगम ने शहर में नसबंदी अभियान भी शुरू कर दिया है। यह नसबंदी अभी निजी संस्था से करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए हैं कि नगर निगम में इस काम के लिए डॉक्टर भेजे जाएं। महापौर सुरेंद्र चौहान ने भी मंगलवार को इस बारे में विभाग के अधिकारियों से बात की। विभाग ने बताया कि जल्द ही दो डॉक्टर तैनात कर दिए जाएंगे।
शहर में 2500 से ज्यादा कुत्ते
शिमला शहर में लावारिस कुत्तों का आंकड़ा 2500 से ज्यादा है। निगम का दावा है कि ज्यादातर की नसबंदी हो चुकी है। फिर से वार्ड स्तर पर नसबंदी की जा रही है। दो माह बाद नसबंदी से जुड़ा स्पष्ट आंकड़ा निगम को मिल जाएगा।