हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव आचार संहिता लगने से हजारों नियुक्तियां और नई भर्तियां एक माह तक के लिए लटक गई हैं। सूबे के विभिन्न क्षेत्रों के लिए 7500 आशा वर्करों का चयन हो चुका है, लेकिन अब इनकी तैनाती फंस गई है। वहीं, एमएससी शिक्षकों की भर्ती भी रुक गई है। 242 पदों के लिए पटवारी परीक्षा का लिखित परिणाम भी घोषित नहीं हो पाएगा।
इसके अलावा राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड कोई भी नई भर्ती नहीं कर पाएगा। हालांकि, पूर्व में निर्धारित लिखित परीक्षाओं और साक्षात्कार की तिथियों पर आचार संहिता का कोई असर नहीं पड़ेगा। अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड ने अधिसूचना से पूर्व ही चुनाव आयोग को पत्र लिखकर भर्तियों, साक्षात्कार और परिणाम घोषित करने का विवरण दिया था जिसे हरी झंडी मिल गई है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हाल ही में आगामी दो वर्षों के भीतर 25 हजार युवाओं को नौकरियां देने का एलान किया था, लेकिन आचार संहिता के बाद यह प्रक्रिया भी थम गई है। नई भर्ती परीक्षाओं का शेड्यूल तय करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी जरूरी है। राज्य लोक सेवा आयोग के संयुक्त निदेशक त्रिलोक सिंह चौहान ने कहा है कि पहले से चल रही परीक्षाओं पर आचार संहिता का कोई असर नहीं पडे़गा।
चुनाव आयोग ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही लिखित परीक्षाएं करवाने, साक्षात्कार लेने और परीक्षा परिणाम घोषित करने के आदेश दिए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार ही होगी।
-उत्तम पटियाल, अंडर सेक्रेटरी, हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड