मां शूलिनी की शोभायात्रा को भव्य, सुंदर व आकर्षक बनाने के लिए झांकियां भी साथ रहीं। इसमेें गणेश, कृष्ण, शिव और मां काली, अघोरी तांडव, हनुमान, भगवान राम आदि झांकियां भी रहीं। पहाड़ी वाद्य यंत्र, बैंड-बाजा, सपेरा बीन के अतिरिक्त विशेष ढोली शोभायात्रा का गौरव को बढ़ाया।
शूलिनी मेले के अवसर पर ठोडो मैदान में विधिक स्टाल लगाया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन ने ठोडो मैदान में लोगों को विधिक जानकारी दी। स्टाल का विधिवत शुभारंभ प्रदेश उच्च न्यायालय की न्यायाधीश एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सबीना ने किया।
शहर में लगे भंडारे
मेले के दौरान शहर में 30 जगहों में भंडारे लगाए गए। भंडारे में छोले-पूरी, छोले-कुलचे, जूस, आइसक्रीम, फ्रूट चाट, टिक्की, पाव-भज्जी, हलवा, चने समेत कई भंडारे लगाए गए। यहां पर भी लोगों की खूब भीड़ दिखी।
ट्रैफिक व्यवस्था रही बेहतरीन
शुक्रवार को चंबाघाट से पुराने बस स्टैंड की ओर आने वाले वाहनों को होटल अंबुशा तक ही आने दिया। राजगढ़ से आने वाली बसें कोटलानाला तक ही आ सकी। बड़े वाहनों को दिन में कोटलानाला से आगे नहीं आने दिया जाएगा। सपरून की ओर से आने वाले वाहनों को पुराने उपायुक्त चौक तक ही आ सके।
ठोडो ग्राउंड में आठ प्रकार के झूलों लोगों ने पहले दिन से ही आनंद लेना शुरू कर दिया। रात के लिए झूलों को एलईडी के लिए सजाया हुआ था। झूलों में हेंबर, ट्रेन, बच्चों के लिए स्वीमिंग पूल समेत चंडोल भी थे। इनमें खूब भीड़ दिखी।
25 किलो देसी घी से तैयार हुआ मां का प्रसाद
माता की पालकी के साथ वितरित हुआ प्रसाद 25 किलो देसी घी से तैयार हुआ। इसका वितरण पूरे शहर में वितरित किया जाता है। इसके लिए शहरवासियों का पूरा सहयोग रहता है। शहर को रंगोली से भी सजाया गया है। शहर में सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर निगम के सफाई कर्मियों को दिया गया है। सफाई पर्यवेक्षक राजेश की टीम शहर में सफाई करती दिखाई दी। इसके लिए तीन जोन में शहर को बांटा गया है। हर जगह पर सफाई कर्मी तैनात है।