प्रदेश सूचना आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूचना देते वक्त यह ध्यान रखना होगा कि हर पृष्ठ पर आवेदक का नाम हो। आवेदक अगर गरीबी से रेखा से नीचे का हो तो यह भी साथ में लिखना होगा। दी जा रही सूचना के हर पृष्ठ पर दिनांक के साथ जनसूचना अधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर लगी होनी चाहिए। यह प्रावधान हिमाचल प्रदेश सूचना का अधिकार नियम - 5(2) में स्पष्ट किया गया है।
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त नरेंद्र चौहान ने एक शिकायत की सुनवाई के बाद तहसील कार्यालय नादौन के अधीक्षक ग्रेड - दो को चेतावनी जारी की है कि वे आरटीआई की शिकायतों की सुनवाई करते वक्त भविष्य में सतर्क रहें। ऐसा नहीं करने पर आरटीआई एक्ट- 2005 में पेनल्टी लगाई जा सकती है।
आयोग ने पेनल्टी लगाए जाने के लिए भी इसे एक उपयुक्त मामला बताया। आयोग ने कहा कि आवेदक ने बंटवारे के एक मामले से संबंधित सूचना मांगी थी, मगर इसे यह कहकर टाल दिया गया था कि इसे आरटीआई के बजाय कॉपिंग एजेंसी से लिया जाए। आरटीआई एक्ट में सूचना देने में आनाकानी की गई।