अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश सरकार की जॉब ट्रेनी पॉलिसी का विरोध कर मांग उठाई है कि सरकार जॉब ट्रेनी नहीं युवाओं को स्थायी रोजगार देने के अपने चुनावी वादे को पूरा करे।
एबीवीपी की प्रांत मंत्री नैंसी अटल ने कहा कि सरकार स्थायी रोजगार देने में नाकाम रहने के बाद अब, युवाओं के लिए नई जॉब ट्रेनिंग पॉलिसी लाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस पॉलिसी के तहत जो रोजगार में लगे हैं, उन्हें भी दो साल तक सिर्फ ट्रेनी के तौर पर सरकारी कार्यालयों में रखा जाएगा, उन्हें नियमित कर्मचारी बनने के लिए फिर से एक टेस्ट पास करना होगा। इस दौरान उन्हें सीएसएस, सीसीएस, लीव और पेंशन नियमों का किसी तरह का लाभ नहीं मिलेगा। यह नीति युवाओं के साथ अन्याय है, उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला फैसला है। यह नीति न तो युवाओं के हित में है और न ही प्रदेश के विकास के लिए लाभकारी। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस जाॅब ट्रेनी पॉलिसी को वापस न लिया तो अभाविप प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।