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राहत, अब आसानी से जमा होगा बिजली बिल

Mon, 16 Jun 2014 05:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सूबे के उपभोक्ताओं को एक और बड़ी राहत देने की कोशिश की है। बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर काटने से निजात दिलाने को नया सप्लाई कोड लागू किया है। बिजली कनेक्शन लेने से लेकर बिजली बिल जमा करने तक की प्रक्रिया आसान बनाई गई है।
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आयोग ने हर काम के लिए एक निश्चित टाइम फ्रेम (समयसीमा) तय किया है। आम जनता और राज्य विद्युत बोर्ड प्रबंधन का पक्ष विस्तार से सुनने के बाद यह सप्लाई कोड जारी किया गया है। ऐसा करके आयोग ने सूबे को देश में एक मॉडल प्रदेश के तौर पर विकसित करने की पहल की है।

खास यह है कि इस कोड के जरिये किसी भी उपभोक्ता के साथ भेदभाव करने की गुंजाइश खत्म करने का प्रयास किया गया है।

कनेक्शन : घरेलू से लेकर व्यावसायिक या औद्योगिक उपभोक्ता ऑनलाइन, हाथोंहाथ या डाक से आवेदन करे। उसके लिए आवेदन और एग्रीमेंट फार्म फ्री में उपलब्ध कराया जाए। आवेदन करने के 30 दिन के भीतर उपभोक्ता को हर हाल में बिजली कनेक्शन मिलेगा। कनेक्शन देने की सूचना बोर्ड की ओर से उपभोक्ता को एसएमएस, ई-मेल से देनी होगी। बिजली उपलब्धता का प्रमाण पत्र भी बोर्ड ऑनलाइन देगा। घरेलू से लेकर औद्योगिक कनेक्शन के लिए यह व्यवस्था लागू होगी।
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बिजली बिल : बिजली बिल जमा करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध कराना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में औसत के आधार पर एडवांस बिल भी जमा किया जा सकता है। यदि उपभोक्ता ने अधिक बिल जमा किया है। उसको लेकर विवाद है। मामले में सुनवाई के बाद अगर उपभोक्ता जीत जाता है तो बोर्ड को ब्याज सहित रकम लौटानी होगी।

बिजली की गुणवत्ता : सप्लाई कोड में बिजली की गुणवत्ता ठीक करने को कहा गया है। उपभोक्ता को मांग के आधार पर बेहतर गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति की जाए। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी न हो। बोर्ड के लिए सप्लाई कोड में अलग-अलग क्षमता के अनुसार अलग-अलग मानक भी तय किए गए हैं।

ऑनलाइन : नए सप्लाई कोड में हर प्रक्रिया को ऑनलाइन करने पर जोर दिया है, ताकि बोर्ड की व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके। किसी भी व्यक्ति को बोर्ड कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। किसी अफसर से बिना मिले भी उपभोक्ता का काम आसानी हो सके। खासकर प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने में आसानी हो सके।
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