प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में उद्योग के लिए प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया को सरल किया है। अब जिला आयुक्त कार्यालय में ही लोगों को अपने दस्तावेज जमा कराने होंगे। सरकार की अनुमति के बाद डीसी की ओर से प्लॉट की अप्रूवल मिलेगी।
पहले लोगों को 118 के तहत प्लॉट की खरीददारी के लिए विभिन्न प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। इसमें प्लॉट खरीदने के लिए एनओसी और अन्य जमीन संबंधित दस्तावेज सरकार के पास जमा होते थे। इसके बाद मामला सिंगल विडो में लाया जाता था।
यहां से क्लीयरेंस मिलने के बाद सरकार इसकी अनुमति देती थी, लेकिन अब प्लॉट से संबंधित दस्तावेज डीसी के पास जमा होंगे। यहां से मामला सरकार के पास आएगा, जांच पड़ताल के बाद सरकार मामले को स्वीकृत कर डीसी को भेजेगी, इसके बाद डीसी इसकी अप्रूवल देगा।
दो बिस्वा जमीन खरीद सकेंगे
प्रदेश सरकार ने 118 के तहत प्लॉट नियमों में संशोधन करने के लिए लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे थे। इसके बाद मामले को मंत्रिमंडल की बैठक में लाया गया, वीरवार को बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
इसके अलावा सरकार ने बाहरी राज्यों के लोगों को भी राहत दी है। धारा -118 के तहत अब बाहरी राज्यों के लोग 4 बिस्वा से कम यानी दो बिस्वा तक जमीन खरीद सकेंगे। सरकार ने इस प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है।
पहले इन लोगों को 4 बिस्वा से कम जमीन खरीदने की अनुमति नहीं थी। लेकिन अब सरकार ने ये राहत भी दे दी है। इससे प्रदेश में जमीन की डिमांड और बढ़ जाएगी।
सेब पैकिंग पर अध्यादेश को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने सेब पैकिंग पर दोबारा अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल ने सेब पैकिंग पर फिर अध्यादेश लाने का निर्णय लिया है। इसे लाने का फैसला इसलिए हुआ है, क्योंकि पुराना अध्यादेश बीच सीजन में ही निरस्त हो रहा है।
पिछली बार अध्यादेश लाए जाने के बावजूद विधानसभा मानसून सत्र में इस पर संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया था। अध्यादेश लाने के बाद संशोधन अधिनियम में सभी प्रकार के फलों की पैकिंग को भी लाने की तैयारी है। इसी से संबंधित ‘सेब पैकिंग अध्यादेश पर लटकी तलवार’ ‘अमर उजाला’ ने अपने 18 अगस्त 2014 के अंक में से भी प्रमुखता से छापा था।
मंत्रिमंडल की बैठक में हिमाचल प्रदेश कृषि एवं बागवानी उत्पाद विपणन अधिनियम में संशोधन को फिर मंजूरी दी गई। अब नए संशोधित अधिनियम में हर तरह के फलों के भार एवं पैकेजिंग निर्देश तथा पैक फ लों तथा सब्जियों की एक समान गुणवत्ता एवं ग्रेडिंग नियम लागू करने की शक्ति प्रदान करने के साथ-साथ अधिनियम के अनुसार भार को लागू करने का प्रावधान होगा।
बीच में नौकरी छोड़ी तो घटेगी पेंशन
हिमाचल में समय से पहले सरकारी नौकरी छोड़ने पर अब अधिकारियों, कर्मचारियों को पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ का नुकसान झेलना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने दस वर्ष के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) पर मिलने वाले लाभों में कटौती कर दी है।
वीआरएस पर अभी अंतिम वेतन का आधा पेंशन रूप में निर्धारित होता है। लेकिन अब पेंशन इससे कम तय होगी। अन्य लाभों में भी इसी अनुपात में कटौती हो जाएगी। इससे कर्मचारियों का खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
प्रदेश से डाक्टरों और इंजीनियरों जैसे विशेषज्ञों के पलायन को रोकने के लिए हिमाचल मंत्रिमंडल ने वीरवार को यह फैसला लिया है। ये फैसला सभी सरकारी कर्मचारियों पर लागू होगा।
बीस हजार अवैध भवन होंगे नियमित
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शहरी क्षेत्रों में अवैध तौर पर बने करीब 20 हजार भवनों को नियमित करने को हरी झंडी दे दी है। मंत्रिमंडल ने वीरवार को नगर एवं ग्राम्य नियोजन एक्ट में संशोधन को अध्यादेश लाने को मंजूरी दे है।
सोमवार तक टीसीपी एक्ट में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी हो सकता है। इसके बाद अवैध भवनों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हर जिले में अवैध भवनों को नियमित करने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।