श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में गेट एक व दो के माध्यम से निर्धारित सामाजिक दूरी अपनाते हुए भेजा जाएगा। पुराना बस अड्डा के पास जूते रखने के स्थान को प्रयोग में लाया जा सकता है। मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पूर्व हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। इसके लिए जगदंबा ढाबा, मंगत राम की दुकान के समीप व पुराना बस अड्डा के पास व्यवस्था की गई है।
पुजारियों और चिंतपूर्णी सदन के लिए दिशा निर्देश
उपायुक्त ऊना तथा मंदिर आयुक्त संदीप कुमार ने कहा कि पुजारी श्रद्धालुओं को न तो प्रसाद वितरित करेंगे और न ही मौली बांधेंगे। श्रद्धालुओं के समूह के लिए पूजा-अर्चना नहीं होगी। कन्या पूजन और हवन आयोजन पर प्रतिबंध रहेगा। गर्भगृह में एक समय पर केवल दो पुजारियों को ही बैठने की अनुमति रहेगी। डीसी ने बताया कि चिंतपूर्णी सदन में श्रद्धालु पंजीकरण के लिए संपर्क करेंगे, इसके लिए पंजीकरण और चिकित्सीय परीक्षण के लिए समुचित काउंटरों की व्यवस्था होगी।
बीएमओ के साथ परामर्श करके आइसोलेशन कक्ष बनाया जाएगा। मुंडन संस्कार मंदिर परिसर में नहीं किया जाएगा, यह चिंतपूर्णी सदन में चिह्नित स्थल पर ही किया जाएगा। कटे हुए बाल तथा अन्य सामग्री कूड़ेदान में एकत्रित करके सफाई कर्मियों को सौंपनी होगी।