जसप्रीत ने पराक्रमा को रिवालसर, तुंगल घाटी, फुलाधार, मंडी शहर और आसपास के रमणीक स्थानों का भ्रमण साइकिल के माध्यम से करवाया। उन्होंने बताया कि पराक्रमा ने जल्द ही अपने पूरे दल के साथ मंडी आने की इच्छा जताई है।
श्रीलंका के युवा जल्द ही मंडी में पहुंचकर यहां की पहाड़ियों को साइकिल से नापेंगे। साइकलिंग के लिए उनको प्रेरित करने की भूमिका मंडी के साइकलिस्ट जसप्रीत पाल ने निभाई है। साइकलिंग की फील्ड में हर रोज नए आयाम स्थापित करने वाले मंडी शहर के जसप्रीत पॉल की साइकलिंग का डंका अब विदेशों में भी बजने लगा है। उनकी साइकलिंग से प्रभावित होकर विदेशी साइकलिस्ट उनसे मिलने और यहां की वादियां निहारने के लिए यहां आना शुरू हो गए हैं।
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श्रीलंका के कोलंबो निवासी 39 वर्षीय पराक्रमा जसप्रीत की साइकलिंग से प्रभावित होकर और मंडी की वादियों को निहारने के लिए तीन दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे। जसप्रीत पॉल और पराक्रमा की मुलाकात साइकलिंग की विश्व स्तरीय ऐप स्ट्रावा के माध्यम से वर्ष 2020 में हुई। उसके बाद से पराक्रमा लगातार मंडी आने का प्रयास कर रहे थे।
मंडी पहुंचकर साइकिल पर यहां की वादियां निहारने के बाद पराक्रमा ने बताया कि उन्हें मंडी आने की बहुत इच्छा थी, जो अब पूरी हुई है। उन्होंने कहा कि वह अब यहां पर अपनी पूरी टीम के साथ आएंगे और मंडी की पहाड़ियों पर साइकलिंग करेंगे। ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के चलते वहां के लोग अपनी दिनचर्या के कार्यों में साइकिल का ही उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में साइकलिंग का क्रेज बढ़ा है।
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युवाओं के लिए गर्व की बात : जसप्रीत
जसप्रीत पॉल ने बताया कि यह युवाओं के लिए बहुत गर्व की बात है कि एक विदेशी साइकलिस्ट ने पूरे भारत में सिर्फ मंडी आने की इच्छा जताई और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से निहारा। जसप्रीत ने पराक्रमा को रिवालसर, तुंगल घाटी, फुलाधार, मंडी शहर और आसपास के रमणीक स्थानों का भ्रमण साइकिल के माध्यम से करवाया। उन्होंने बताया कि पराक्रमा ने जल्द ही अपने पूरे दल के साथ मंडी आने की इच्छा जताई है।