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SPU Mandi: प्रथम और द्वितीय वर्ष में तीन विषयों में फेल तो भी फाइनल ईयर में मिलेगा दाखिला

Thu, 10 Oct 2024 12:00 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

पहले तीन विषयों में फेल होने पर किसी छात्र को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाता था। तीन विषयों की परीक्षा पास करने के लिए उसे दो मौके दिए जाते थे। 
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सरदार पटेल विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरदार पटेल विश्वविद्यालय (एसपीयू) प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को तीन-तीन विषयों में फेल होने पर भी अगली कक्षाओं में दाखिला देगा। बुधवार को अकादमी परिषद की दूसरी बैठक में ड्रापआउट रोकने के लिए यह बड़ा फैसला किया गया है। तीन विषय पास करने के लिए छात्रों को पांच साल दिए जाएंगे।  बता दें कि पहले तीन विषयों में फेल होने पर किसी छात्र को अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाता था। तीन विषयों की परीक्षा पास करने के लिए उसे दो मौके दिए जाते थे। अगर दो मौकों में भी वह असफल रहता था तो उसके पास किए विषय भी अमान्य माने जाते थे। इससे छात्र के दो साल बरबाद हो जाते थे और नए सिरे से पहले वर्ष में प्रवेश लेना पड़ता था।

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इसके साथ ही उसके विषयों के क्रेडिट भी निरस्त हो जाते थे। लेकिन अब क्रेडिट भी निरस्त नहीं होंगे। कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में पीएचडी और स्व-वित्तपोषण मोड पर पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ और बीएड कोर्स शुरू करने का भी फैसला किया गया। पुनर्मूल्यांकन में पास स्टेटस में बदलाव नहीं होगा : अकादमिक परिषद की बैठक में पुनर्मूल्यांकन अंकों को अंतिम रूप देने के संशोधन पर भी चर्चा की गई। निर्णय किया कि यदि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंकों में 10 प्रतिशत से अधिक बदलाव होता है तो अधिकतम दो अंकों का औसत दिया जाएगा। अगर पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक पास अंकों से कम हो जाते हैं तो न्यूनतम पास अंक दिए जाएंगे। इसके अलावा रिजल्ट स्टेटस पास से फेल में नहीं बदला जाएगा।

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पीजीडीसीए में मिलेंगे 47 क्रेडिट 
पीजीडीसीए के छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए प्रवेश में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे में पीजीडीसीए कोर्स में कुल 47 क्रेडिट देने का निर्णय किया गया। इसमें पहले सेमेस्टर में 22 और दूसरे सेमेस्टर 25 क्रेडिट होंगे। परिषद ने सैद्धांतिक रूप से यूजीसी की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुसार एसपीयू के संकाय के लिए कॅरिअर उन्नति योजना लागू करने का भी निर्णय किया है।
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ये निर्णय भी लिए गए 
  • कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में पीएचडी, स्व-वित्तपोषण मोड पर पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ और बीएड कोर्स होगा शुरू
  • ये निर्णय भी लिए गए एसपीयू नई अनुसंधान नीति के तहत बाहरी वित्त पोषित अनुसंधान परियोजनाओं और पेटेंट को बढ़ावा देगा। हर संकाय को 20 हजार हर पेटेंट को मिलेंेगे।
  •  कॉलेज शिक्षकों के लिए पीएचडी उम्मीदवारों की निगरानी को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दी गई। इसके लिए पीवीसी की अध्यक्षता में डीएसडब्ल्यू, डीन रिसर्च, डीएए और डीन प्लानिंग के साथ समिति का गठन किया गया। यह समिति अपनी रिपोर्ट एसपीयू की अकादमिक परिषद को सौंपेगी।
  •   रसायन विज्ञान और वनस्पति विज्ञान के पीएचडी पाठ्यक्रम को भी अकादमिक परिषद की ओर से अनुमोदित किया।
  • वहीं, एचजीसीटीए की ओर से उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर गौर करने को समिति बनाई गई। 
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