इसके लिए खेतों की मेड़ बंदी, नदियों और धाराओं में चेक डैम के निर्माण और तटबंधी, तालाबों की खोदाई और सफाई, वृक्षारोपण और जलाशयों का बड़ी संख्या में निर्माण हो।
इससे खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में ही संचयित हो जाएगा। पंचायती राज विभाग ने उपायुक्तों के माध्यम से सभी सरपंचों को इस पत्र की प्रतियां पहुंचाना शुरू कर दी हैं। साथ ही विशेष ग्रामसभा के लिए भी निर्देश दे दिए हैं।
हर ग्राम सभा की फोटो खींचकर जल शक्ति मंत्रालय को भेजी जाएगी। साथ ही गांव व स्कूल स्तर पर जल संचय को प्रोत्साहित करने के लिए नुक्कड़ नाटक, गीत और नृत्य कार्यक्रम होंगे।