शुरुआती दौर में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स के रूप में महाविद्यालय में नैतिक शिक्षा का कोर्स शुरू होगा। इसमें महाविद्यालय का कोई भी विद्यार्थी प्रवेश ले सकता है। कोर्स में नैतिक शिक्षा के तहत अच्छे आचरण, धार्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक ज्ञान, पारंपरिक ज्ञान सहित अन्य शिक्षाओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
प्रोजेक्ट शिक्षा विभाग को भेजा
महाविद्यालय में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के सहयोग से नैतिक शिक्षा का कोर्स शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट तैयार करके दलाईलामा कार्यालय और शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है। - सुनील के. मेहता, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला।