बीते सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के हंगामे का वीडियो बनाने के मामले में भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर सस्ते में छूट गए। विपक्ष की कड़ी आपत्ति के बाद अनुराग ने खेद जताया। इसके बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने उन्हें कड़ी चेतावनी देकर मामले को खत्म कर दिया।
हालांकि विपक्ष ने इस पर कड़ा एतराज जताया। विपक्ष ने सवाल किया कि बीते साल ऐसे ही मामले में आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान को दो सत्र के लिए निलंबित करने जैसी कार्रवाई क्यों की गई। इस मामले में हुए भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई।
विपक्ष के कई सांसदों द्वारा मोबाइल से वीडियो बनाने संबंधी शिकायत पर बुधवार को स्पीकर ने अनुराग को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर आपने ऐसा किया है तो आपको माफी मांगनी होगी। इस दौरान उन्होंने अन्य सांसदों को भी मोबाइल के इस्तेमाल पर हिदायत दी।
स्पीकर ने कहा मैं आपको चेतावनी दे रही हूं। भविष्य में किसी भी सूरत में ऐसी गलती नहीं होनी चाहिए। इसके बाद अनुराग ने कहा कि अगर उनके मोबाइल से किसी को आपत्ति है तो वह खेद जताते हैं। हालांकि अपने छह सदस्यों केनिलंबन से नाराज विपक्ष ने स्पीकर के फैसले पर ऐतराज जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस के मल्लिकर्जुन खड़गे ने कहा कि ऐसे ही मामले में आप सांसद मान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई थी। उन्हें दो सत्र के लिए निलंबित किया गया था। ऐसे में अनुराग के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद इस मामले में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार के स्थगन के बाद दिन भर के लिए स्थगित हो गई।