सराहनीय सेवाओं के लिए एसपी शुभ्रा तिवारी के अतिरिक्त इंस्पेक्टर किशोरी लाल (कांगड़ा), सब इंस्पेक्टर नारायण सिंह (सोलन) और हेड कांस्टेबल गोपी चंद (शिमला) राष्ट्रपति पुलिस पदक मिलेगा।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए इंस्पेक्टर पुरुषोत्तम चंद (शिमला) को राष्ट्रपति पुलिस पदक के लिए चुना गया है।सब फायर ऑफिसर बंसीराम भाटिया और लीडिंग फायरमैन मदन मोहन को सराहनीय सेवाओं के लिए अग्निशमन मेडल से नवाजा जाएगा।
होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस विभाग के कंपनी कमांडर रछपाल नेपटा को उत्कृष्ट सेवा और प्लाटून कमांडर सुरेश गर्ग और कंपनी कमांडर परमानंद शर्मा को सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस पदक मिलेगा।
होमगार्ड के कंपनी कमांडर परमानंद शर्मा आपदा से निपटने लिए लोगों को जागरूक करते रहते हैं। 1997 में चिड़गांव में बादल फटने की घटना के दौरान उन्होंने फंसे लोगों बचाने काम काम किया।
धर्मशाला के समीपवर्ती टंग नरवाणा के विश्वजीत सिंह को पुलिस मेडल से सम्मानित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस पर विश्वजीत का नाम पुलिस मेडल की सूची में शामिल हुआ है। विश्वजीत सिंह बीएसएफ के हेडक्वार्टर नई दिल्ली में डिप्टी कमांडेंट के पद पर सेवाएं दे रहे हैं।
विश्वजीत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, इंद्र कुमार गुजराल और एचडी देवेगौड़ा की सुरक्षा में भी सेवाएं दे चुके हैं। विश्वजीत सिंह ने साल 1986 में बीएसएफ में बतौर सब इंस्पेक्टर सेवाएं शुरू की।
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्रियों की एसपीजी सिक्योरिटी सहित 15 विभिन्न देशों, इंटरनेशनल इंडो-पाक, इंडो-बंगाल बॉर्डर, देश की आंतरिक सुरक्षा और बीएसएफ एकेडमी टनकपुर ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में भी 2010 से 2014 तक सेवाएं दे चुके हैं। विश्वजीत सिंह ने राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला से अपनी स्नातक तक की पढ़ाई पूरी की है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदेश सरकार ने सूबे की विभिन्न जेलों में बंद कैदियों को बड़ी राहत प्रदान की है। राज्यपाल ने सरकार की सिफारिश पर 451 कैदियों की सजा को पंद्रह दिन से तीन महीने तक कम कर दिया है।
वहीं, माडल सेंट्रल जेल नाहन और कंडा के चार चार कैदियों की सजा भी माफ कर दी है। जिसके बाद जेल मुख्यालय ने उन्हें रिहा करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि विभाग की ओर से सरकार को अगस्त के पहले हफ्ते में प्रस्ताव भेजा गया था।
बताया कि एक साल तक की सजा भुगत रहे कैदियों को पंद्रह दिन की छूट मिलेगी जबकि उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों की तीन महीने की सजा माफ की गई है। इसके अलावा राज्य सजा रिव्यू बोर्ड की अनुमति के बाद और प्रीमेच्योर रिलीज नीति के तहत विभिन्न जेलों में बंद 12 को जेल से तय सजा से पहले रिहा कर दिया है।