फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल: सेवानिवृत आईएएस के बेटे ने नौकरी का मोह छोड़ा, बागवानी से नाता जोड़ा

Sun, 23 Jan 2022 01:15 PM IST
Krishan Singh विपिन काला, शिमला

सार

प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के युवा सिकंदर नेगी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। आईएचएम पुणे से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद सिकंदर नामी होटलों में सेवाएं दे चुके हैं। देश और विदेश में नौ साल तक नामी होटलों में नौकरी कर चुके हैं।
विज्ञापन
सिकंदर नेगी - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के कई युवा कोरोना काल में नौकरी छोड़ नई तकनीक से बागवानी और कृषि क्षेत्र में हाथ आजमा रहे हैं। अपने घरों से दूर रहकर प्रति माह लाखों रुपये का वेतन लेने वाले ऐसे युवा गांवों का रुख कर खेतों और बगीचों में पसीना बहाने की ठान चुके हैं। प्रदेश के जनजातीय जिले किन्नौर के युवा सिकंदर नेगी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। आईएचएम पुणे से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने के बाद सिकंदर नामी होटलों में सेवाएं दे चुके हैं। देश और विदेश में नौ साल तक नामी होटलों में नौकरी कर चुके हैं।

विज्ञापन


नेगी कोरोनाकाल में डेढ़ साल पहले अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ हिमाचल पहुंचे। रिटायर आईएएस अधिकारी के बेटे सिकंदर को जब पिता ने कहा कि नौकरी छोड़ो या फिर अपनी जमीन त्याग दो, तो पलभर में छोड़ दी और बगीचों का रुख किया। परिवार की जमीन किन्नौर के सांगला, सिरमौर जिला और करसोग में है। सेब के पुराने बगीचे हैं और कई पेड़ सूखने लगे हैं। जमीन का सही इस्तेमाल हो, इसके लिए नए सिरे से ऐसे फलदार पौधों के बगीचे विकसित करने का निर्णय लिया, जिससे मेहनत कम हो और कमाई ज्यादा होती रहे। 

कीवी और अखरोट के बगीचे विकसित करेंगे

सिकंदर बताते हैं कि बागवानी विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मन बनाया है कि वह अपनी जमीन में कीवी और अखरोट की पैदावार करेेंगे। इसके अलावा चूली की पैदावार भी करेंगे। चूली की पैदावार करके अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री करेंगे। उनके साथ उनकी पत्नी नवीता नेगी और कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। नवीता भी नामी होटलों की नौकरी छोड़कर आई हैं।     

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें