अभी भी एक उपमंडल के बच्चों को सोलर लैंप मिले ही नहीं। हालांकि बच्चों को सोलर लैंप देकर फोटो खिंचवाने में मंत्री और विधायक आगे रहे।फरवरी में भारी बर्फबारी के चलते चंबा जिले में एचटी और एलटी के 2000 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि 2200 बंद पड़ गए थे।
जिले के भरमौर, सलूणी, किहार, तीसा और पांगी के दुर्गम इलाकों में पिछले एक से डेढ़ महीने से बिजली नहीं है। चंबा शहर में भी चार दिन बाद बिजली आई थी। डेढ़ माह बाद सरकार को सोलर लैंप बांटने की याद तो आई लेकिन देरी से।
अभिभावक भी दबी जुबान में कह रहे हैं कि एक माह पहले लैंप दिए होते तो अच्छा होता। तीन मार्च को मंत्री ने जनमंच में भी चंबा के कुछ बच्चों को सोलर लैंप बांटे थे।
पांगी में एक भी बच्चे को सोलर लैंप नहीं मिला। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि 80-90 फीसदी बच्चों को लैंप दे दिए हैं। जिले में भारी हिमपात के चलते बिजली ही नहीं सड़कें भी बाधित हैं। कई इलाके बर्फ से लकदक हैं। बच्चों को सुबह परीक्षा केंद्र में पहुंचने में भी दिक्कतें होंगी।
कबायली क्षेत्र के दसवीं और जमा दो के विद्यार्थियों को निशुल्क सोलर लैंप प्रदान किए जा रहे हैं। बिजली की आपूर्ति न होने की सूरत में विद्यार्थियों को परेशानी न हो, इसके लिए सोलर लैंप दिए जा रहे हैं। सात हजार विद्यार्थियों को सोलर लैंप दिए जाएंगे।- हरिकेश मीणा, उपायुक्त चंबा