हड्डियां कमजोर हों या दांत। पाचन क्रिया गड़बड़ हो या खून की कमी। गर्भवती महिलाओं में कैल्शियम और आयरन की कमी को भी खास किस्म की सोलन बंद सरसों गोभी दूर कर देगी।
तीन साल रिसर्च के बाद नौणी विश्वविद्यालय वनस्पति विज्ञान विभाग ने चाइनीज गोभी के नाम से प्रचलित किस्म से ‘सोलन बंद सरसों’ के नाम से बंदगोभी की हाईब्रिड वैरायटी तैयार की है।
शिमला, किन्नौर, सोलन और चायल में इसके उत्पादन का सफल ट्रायल चल रहा है। सोलन बंद सरसों गोभी को उगाने के लिए बड़े खेतों की जरूरत भी नहीं है। इसे किचन गार्डन, गमलों और पॉली हाउस में उगाया जा सकता है।
सितंबर महीने में इसके बीज नौणी विवि में मिलना शुरू हो जाएंगे। इसका बीज आम बंदगोभी के मुकाबले दो के बजाय छह माह में तैयार हो सकेगा। इसे पेटेंट करवाने की कवायद शुरू हो गई है। चाइनीज कूजिन के अलावा सलाद में इस बंदगोभी की खासी डिमांड है।
शोध में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का दावा
शोध में दावा किया गया है कि इस बंदगोभी का एक कप शरीर में 91.6 फीसदी विटामिन की रोजाना मात्रा को पूरा करता है जबकि 53.6 फीसदी विटामिन सी, विटामिन बी-6, बी-2, बी-1, पोटाशियम, कैलशियम, मैनिजियम, विटामिन ए, फालिक, जिंक की मात्रा को पूरा करता है।
इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। खून की कमी दूर होती है। साथ ही खास इंडोल थ्री कारबोनाइट भी पाया जाता है, जो लीवर के रोगियों के लिए उपयोगी है। यह एक शक्तिाशालर एंटीओक्सिडेंट है, जो लीवर को साफ करता है जबकि शरीर की त्वचा के डेड सेल को भी रिप्लेस करता है।
नौणी विवि वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एचएस कंवर ने बताया कि चाइनीज बंदगोभी पर तीन साल शोध के बाद इसकी हाईब्रिड वैरायटी सोलन बंद सरसों गोभी के नाम से तैयार की है।
इस ब्रिड की खास बात यह है कि इसमें जूस बाजार में मिलने वाली दूसरी गोभी के मुकाबले अधिक होता है, जो शरीर की पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके पोषक तत्व हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद हैं।