शिमला मिर्च के बाद अब लोग जल्द ही सोलन मिर्च का स्वाद भी चख सकेंगे। सोलन स्थित बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी ने मशहूर शिमला मिर्च (केपस्किम) की एक नई वैराइटी ईजाद की है। औषधीय गुणों वाली इस किस्म को ‘सोलन भरपूर मिर्च’ नाम दिया गया है। यह मिर्च कैंसर के अलावा अनीमिया की कमी से जूझ रहे रोगियों के लिए भी लाभदायक होगी।
इससे लीवर दुरुस्त रहेगा और शरीर की त्वचा के डेड सेल को रिप्लेस करने में मदद मिलेगी। सेंटर रिलीज कमेटी ने इस प्रजाति को मंजूरी दे दी है। दिसंबर से जनवरी तक इसके बीज नौणी विवि में उपलब्ध होंगे। विवि के वैज्ञानिकों का दावा है कि इस किस्म की मिर्च में कीटनाशकों का बहुत कम इस्तेमाल होगा। यह मिर्च अन्य से 20 दिन पहले तैयार होगी।
तोड़ने पर जल्द खराब भी नहीं होगी। इसमें पाए जाने वाले एंटी कार्सिनोजेनिक के कारण यह कैंसर रोगियों के लिए लाभदायक होगी। साथ ही पोटाशियम, कैलशियम, मैनिजियम के साथ विटामिन ए, ई और विटामिन सी का भी अच्छा स्रोत है। सालों के अनुसंधान के बाद नौणी विवि के वनस्पति विज्ञान विभाग ने सोलन भरपूर शिमला मिर्च की ओपन पॉलीनेटिड वैराइटी तैयार की है।
वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। खून की कमी दूर होती है। इसमें इंडोल थ्री कारबोनाइट पाया जाता है। यह लीवर के रोगियों के लिए उपयोगी है। यह एंटी ऑक्सीडेंट का कार्य भी करता है। शरीर की त्वचा के डेड सेल को भी रिप्लेस करने में मदद करेगा।