प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 543 पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) का मासिक वेतन 1790 रुपये घट गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को अक्तूबर 2012 के बाद नियमित हुए प्रवक्ताओं को वेतन घटाने का झटका दिया है। शिक्षा निदेशालय ने न्यूनतम पे बैंड लागू करने को हिमाचल के सिविल सर्विस नियमों का हवाला देते हुए वेतन कटौती के आदेश जारी किए। वित्त महकमे की अधिसूचना को शिक्षा विभाग ने गलत तरीके से लागू कर दिया था।
इस गलती को चार साल बाद निदेशालय ने सुधारते हुए पीजीटी की दिवाली फीकी कर दी है। अक्तूबर का वेतन 543 शिक्षकों को घटकर मिलेगा। वेतन में कटौती के साथ निदेशालय ने शिक्षकों से रिकवरी करने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने सभी डीडीओ को आदेश जारी कर 15 अक्तूबर तक इन शिक्षकों की सर्विस बुक में संशोधन करने को कहा है। रिकवरी पर जल्द नए आदेश जारी किए जाएंगे।
न्यूनतम पे बैंड 10300 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर फिक्स
उच्च शिक्षा निदेशालय ने पे फिक्सेशन करते हुए यह फैसला लिया है। ऐसे में एक अक्तूबर 2012 के बाद नियमित होने वाले 543 पीजीटी का वेतन घटाया गया है। अनुबंध आधार और पैरा टीचर पॉलिसी 2003 के तहत अक्तूबर 2012 के बाद प्रवक्ताओं को पे स्ट्रक्चर 10300-34800 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर नियुक्त किया गया था।
इन्हें इनिशियल स्टार्ट 16290 रुपये दिया था। अब उच्च निदेशालय ने स्टेट सिविल सर्विस नियम 2012 के नियम 5(2) का हवाला देते हुए पीजीटी को न्यूनतम पे बैंड 10300 जमा 4200 रुपये ग्रेड पे पर फिक्स किया है। अब पीजीटी को 14500 रुपये पर फिक्स किया गया है। निदेशालय के इन आदेशों के चलते पीजीटी के वेतन में 1790 रुपये की कटौती हुई है।
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने शिक्षा निदेशालय के वेतन कटौती के आदेशों का विरोध किया है। कहा कि चार साल बाद शिक्षा विभाग को पे फिक्सेशन की याद आई है। विभागीय गलती का खामियाजा अब शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है।
पहले पे फिक्सेशन में गलती करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि मामले को लेकर संघ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है। उम्मीद है कि जल्द इस संदर्भ में बैठक होगी।
वेतन घटाने से पूर्व दिया था नोटिस
शिक्षा निदेशालय ने पीजीटी का वेतन घटाने से पूर्व 20 अगस्त को नोटिस जारी कर 30 अगस्त तक शिक्षकों से जवाबतलबी की थी। स्कूल प्र्रिंसिपलों के माध्यम से जारी किए गए नोटिस में वेतन को क्यों न घटाया जाए। इसको लेकर प्रवक्ताओं से पूछा गया था। नोटिस के जवाब में सभी शिक्षकों ने वेतन ना घटाने की मांग की थी।
966 पीजीटी पर सही अधिसूचना लागू
शिक्षा विभाग को पे फिक्सेशन की गलत अधिसूचना लागू करने की जानकारी सितंबर 2015 में लगी। ऐसे में साल 2016 में नियमित हुए 966 पीजीटी पर अधिसूचना को सही तरीके से लागू किया गया। 966 शिक्षकों को 14500 के न्यूनतम पे बैंड पर फिक्स किया है।