राज्य कृषि विभाग के निदेशक डा. जेसी राणा ने कहा कि कृषि विभाग 17 से 31 अक्तूबर के मध्य बीजोपचार तथा मृदा परीक्षण को विशेष अभियान चलाएगा।
इस दौरान फसलों को रोगों से छुटकारा दिलाने, शत-प्रतिशत बीजोपचार और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा।
मिट्टी के 25,000 नमूनों की जांच भी की जाएगी। मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट किसानों को ‘मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड’ पर उपलब्ध करवाई जाएगी।
विभिन्न रबी फसलों के 50,000 क्विंटल उपचारित बीज भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। अभियान को प्रदेश में राष्ट्रीय टीकाकरण और पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य बीजोपचार से फसलों को बीजजनित व मृदाजनित रोगों एवं कीटों से छुटकारा दिलवाना है।
बीजोपचार के तरीकों के बारे में प्रशिक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे। राज्य के किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस रबी मौसम में बीज के 600 नमूने लिए जाएंगे।
सोलन, पालमपुर और मंडी में स्थित बीज परीक्षण प्रयोगशाला में इनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी। खाद के 1000 नमूने, कीटनाशकों के 150 नमूने लिए जाएंगे और इनकी गुणवत्ता की जांच की जाएगी।