अब नए डेवलपमेंट प्लान के अनुसार तैयार होगा साॅफ्टवेयर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नया डेवलपमेंट प्लान लागू होते ही नगर निगम को नक्शे पास करने का साॅफ्टवेयर भी बदलना पड़ेगा। इसके लिए निगम प्रशासन सरकार से प्लान का अंतिम ड्राफ्ट जारी होने का इंतजार कर रहा है।
इसके जारी होते ही सबसे पहले साॅफ्टवेयर में बदलाव किया जाएगा। शहर में भवनों के नक्शे पास करने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की है। मौजूदा साॅफ्टवेयर में सिर्फ नॉन कोर एरिया में ढाई मंजिला भवन निर्माण के ही आवेदन लिए जाते हैं। अब नया प्लान लागू होने पर न सिर्फ कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण की मंजूरी मिलेगी बल्कि नॉन कोर एरिया में भी ढाई मंजिल से ज्यादा निर्माण कर सकेंगे।
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साॅफ्टवेयर में इसके लिए बदलाव करना होगा। ऐसे में नगर निगम अब अंतिम ड्राफ्ट का इंतजार कर रहा है। इसके आते ही साफ्टवेयर में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि सरकार से प्लान का अंतिम ड्राफ्ट मिलने के बाद ही नये नियमों के अनुसार निर्माण की मंजूरी मिलेगी। साॅफ्टवेयर भी नए प्रावधानों के अनुसार तैयार होगा।
आवेदन वापस लेने आने लगे हैं लोग
राजधानी में नए डेवलपमेंट प्लान को मंजूरी मिलने के दूसरे ही दिन शुक्रवार को कई लोग नगर निगम दफ्तर पहुंचे। कई निजी वास्तुकारों ने भी एपी शाखा से संपर्क किया। कहा कि उन्होंने अभी ढाई मंजिला भवन के नक्शे बनाए हैं। अब वह इसे संशोधित करना चाहते हैं। ऐसे में उन्हें नक्शे वापस किए जाएं। कुछ लोगों ने पूछा कि नए नियमों के तहत आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी। नगर निगम का कहना है कि नक्शे के आवेदन अब ऑनलाइन लिए जाते हैं। ऐसे में इन्हें वापस लेने के लिए आवेदन करना होगा। नए नियमों के तहत नक्शे पास करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए अभी सरकार के निर्देशों का इंतजार किया जाएगा।
कोर और ग्रीन एरिया में बढ़ जाएगी अब जमीन की कीमत
नया डेवलपमेंट प्लान लागू होने से शहर के कोर और ग्रीन एरिया में खाली पड़ी जमीन की कीमत फिर बढ़ने का अंदेशा है। एनजीटी की पाबंदी के बाद इस क्षेत्र में जमीनों की कीमतें घट गई थी जबकि तैयार फ्लैट महंगे हो गए थे। यही नहीं, नगर निगम परिधि से बाहर पंचायती क्षेत्र में भवन निर्माण बढ़ा था। इसका कारण यह था कि इस क्षेत्र में निर्माण पर पाबंदी नहीं थी। इसके चलते यहां जमीनों की खरीद फरोख्त भी काफी बढ़ गई थी। अब शहर में दोबारा निर्माण की छूट मिलने से भवन निर्माण बढ़ेगा।