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सॉफ्टवेयर तैयार: हिमाचल में 15 दिन बाद बंद हो जाएगा नकली शराब का धंधा

Sun, 01 May 2022 02:25 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 कर एवं आबकारी विभाग के मोबाइल एप से कोई भी व्यक्ति शराब की बोतल पर लगे बार कोड को स्कैन कर शराब की गुणवत्ता जांच सकेगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है। हार्डवेयर की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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शराब(सांकेतिक ) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में 15 दिन बाद नकली शराब का धंधा बंद हो जाएगा। कर एवं आबकारी विभाग के मोबाइल एप से कोई भी व्यक्ति शराब की बोतल पर लगे बार कोड को स्कैन कर शराब की गुणवत्ता जांच सकेगा। इसके लिए सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है। हार्डवेयर की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस नई व्यवस्था से लोगों को शराब बोतलों को ट्रैक एंड ट्रेस करने की सुविधा मिल जाएगी। नकली शराब तुरंत पकड़ में आ जाएगी। नकली जहरीली शराब पीने से कुछ माह पहले ही मंडी जिले में सात लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद ही राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने हरकत में आते हुए करीब दो साल से ट्रायल मोड पर चल रहे ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया है।

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विभाग के आयुक्त यूनुस ने बताया कि एप के जरिये बोतल पर लगे बार कोड को स्कैन करना होगा और उससे शराब के निर्माण से संबंधित पूरी जानकारी फोन पर ही उपलब्ध हो जाएगी। इससे उपभोक्ता को पता चल सकेगा कि यह शराब असली है या मिलावटी। इसके साथ ही मिलावटी होने की सूरत में वह तत्काल एप की ही मदद से शिकायत भी कर सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थित सभी बाटलिंग प्लांट व डिस्टिलरियों से बाहर आने वाली शराब की ऑनलाइन निगरानी के तंत्र के विकसित होने पर अवैध शराब की बिक्री के नेटवर्क को तोड़ने में भी आसानी होगी। बार कोड को स्कैन करने पर शराब को बनाने के वर्ष, बैच नंबर और कहां उसे बनाया गया है। इसकी जानकारी मिल जाएगी।

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