बागवानी, राजस्व और जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में बर्फबारी, ओलावृष्टि और बारिश से बागवानी क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ है। इसके वीडियो केंद्र को भेज दिए हैं। बगीचों में एंटी हेलनेट टूटने से फलदार पेड़ भी टूटे हैं। पेड़ों में लगे फल झड़े हैं। बारिश से पेयजल स्रोतों का जल स्तर बढ़ने से लोगों को राहत मिली है।
खड्डों-नदियों का जलस्तर बढ़ा, नहीं रहेगा पेयजल संकट
हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिन से जारी बारिश के कारण सूबे में सूखे का संकट टल गया है। बारिश से प्राकृतिक जल स्रोतों में पानी बढ़ने से लोगों को काफी राहत मिली है। इससे पेयजल संकट काफी हद तक दूर हो गया है। किन्नौर में जलशक्ति विभाग की 99 पेयजल स्कीमें सूखे की चपेट में थीं। ब्यास नदी समेत जिलों की अन्य खड्डों और नालों में जलस्तर बढ़ गया है। हमीरपुर में बारिश से पेयजल स्रोतों का जलस्तर 25 से 50 फीसदी बढ़ा है। बारिश के चलते अब अगले एक माह तक जिले में पेयजल किल्लत नहीं रहेगी।