मतदान लोकतंत्र का सबसे पवित्र पर्व है। यह हर नागरिक को गर्व का अहसास कराता है। देश के नागरिक को उसका हक दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने समुद्र तल से 15,500 फीट ऊपर पोलिंग बूथ तैयार किया था।
इसे दुनिया का सबसे ऊंचा पोलिंग बूथ का दर्जा दिया जाता है। पूरा साल बर्फ के बीच रहने वाले देश के नागरिक किस उत्साह से मतदान करते हैं यह देखने के लिए अमर उजाला की टीम हिमाचल की उस ऊंचाई पर पहुंची जहां सांस लेना भी मुश्किल है। पेश है हिक्किम से एक लाइव रिपोर्ट---
शून्य डिग्री में मतदान करने पहुंचे लोग
वक्त सुबह 6.02 मिनट। तापमान करीब शून्य डिग्री। दुनिया के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र हिक्किम में 7.02 मिनट पर पहला मतदान आईपीएच में तैनात सहायक अभियंता अशोक ने किया।
तापमान करीब शून्य डिग्री। ठंड जैसे-जैसे कम होती गई, मतदान प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी। स्थानीय वोटरों में लंगजा के 65 साल के छेतन अंगरूप ने सबसे पहले वोट डाला।
11 से दोपहर एक बजे के बीच 44 फीसदी मतदान हुआ। इस बीच 145 वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
दो बजे के बाद बिगड़ा मौसम का मिजाज
लेकिन हिक्किम में दो बजे के बाद मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बर्फ के हल्के फाहे गिरने लगे। इस बीच तापमान करीब 5 डिग्री लुढ़क गया। 3 बजे तक 64 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
इस दौरान सबसे उम्रदराज मतदाता सोनम रिंचेन (83) ने 10 किमी दूर लंगजा गांव से पहुंचकर वोट डाला। सुरक्षा कर्मी वाकी-टाकी से हर एक घंटे बाद काजा में स्थापित कंट्रोल रूम को रिपोर्ट करता रहा।
यहां रात का तापमान अभी भी शून्य से नीचे है। मतदान के दिन सुबह 7 बजे तापमान करीब 5 डिग्री के आसपास रहा।
आक्सीजन की बेहद कमी से परेशान
हिक्किम बूथ पर मतदान प्रक्रिया को कवर करने पहुंची ‘अमर उजाला’ की टीम को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। इतनी ऊंचाई पर चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को आक्सीजन की कमी से परेशान होते महसूस किया गया।
हालांकि, एहतियात के तौर पर आयोग ने टीम को आक्सीजन सिलेंडर मुहैया करवाए हैं। खराब स्वास्थ्य के बावजूद यंगजोम (73), डोलमा फुटित (71) और देचिन (75) ने भी हिक्किम में स्कूल अपग्रेड किए जाने की उम्मीद से वोट डाला।
पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहीं 18 साल की शरभ डोलमा को टीस है कि यहां अभी तक मोबाइल सुविधा नहीं है।
भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चाहते हैं
हिक्किम से करीब 5 किमी दूर कौमिक गांव से वोट डालने पैदल पहुंचे 21 साल की नावांग छोरोन और 21 साल के शरभ ज्ञाछो में थकान बावजूद मतदान को लेकर उत्साह था। बकौल ज्ञाछो, सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लिए वोट डाला है।
हिक्किम पोलिंग बूथ के प्रीजाइडिंग ऑफिसर योगेश बताते हैं कि ड्यूटी पर तैनात अधिकांश कर्मी जिले से बाहर के हैं। लिहाजा, कर्मचारियों को इतनी ऊंचाई पर आक्सीजन की कमी के कारण कुछ दिक्कतें पेश आईं।
चुनाव आयोग ने हिक्किम पोलिंग बूथ पर विशेष वीडियोग्राफी टीम तैनात की थी।