हिमाचल के विभिन्न भागों में ताजा हिमपात के बाद बगीचों में नमी लौट आई है। सेब और अन्य फलों के बगीचों में सूखे से फलदार पेड़ों पर मार पड़ने लगी थी। सूखे के बाद से बागवानों की परेशानी बढ़ने लगी थी, क्योंकि बगीचों में लगे नए पेड़ सूखने लगे थे। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बिखरे रूप से बर्फबारी के कारण सेब और अन्य फल उत्पादक क्षेत्रों के बगीचों में लंबे समय तक नमी बनी रहेगी। इस बर्फबारी के बाद से बगीचों में बगावानों को सही समय में उचित प्रबंधन का मौका भी मिल पाएगा।
अबी तक सूखे के कारण कई इलाकों में बागवान बगीचों में तौलिए तैयार नहीं कर पा रहे थे। बगीचों में नमी के बाद से बागवान बगीचों में खाद डालने का काम भी कर पाएंगे। वैज्ञानिक सलाह से ही बागवान अपने बगीचों की देखभाल करें। बागवानी विशेषज्ञ डा. एसपी भारद्वाज कहते है कि फरवरी में हुए भारी हिमपात से सेब और अन्य फलदार बगीचों को लंबे समय तक नमी मिल पाएगी। सूखे के कारण कई क्षेत्रों से बागवान फलदार पेड़ों को सूखने की शिकायत बराबर कर रहे थे। इस बार की बर्फ से नमी के बाद बगीचों में तौलिए बना सकेंगे। इसके साथ ही बगीचों में खाद डालने का उचित समय रहेगा।