बर्फबारी का मौसम शुरू होते ही चंबा-जम्मू बॉर्डर पर तैनात आईआरबी के जवानों को वापस बुलाने का फैसला लिया गया है। अगले करीब छह माह तक बॉर्डर खाली हो जाएगा। आईआरबी की दो चौकियों को निचले क्षेत्रों में बुला लिया गया है। इनमें गुल्लू की मंडी और सतरूंडी चेक पोस्ट शामिल हैं। इन्हें अब भांदल और बैरागढ़ में व्यवस्थित किया जाएगा।
इधर, गढ़माता, खुंडी मराल, ब्रुइला, मनसाधार और नोडल धार चौकियों को भी आगामी बर्फबारी से पहले नीचे बुलाने के निर्देश हैं। मौजूदा समय में चंबा जिले के साथ सटी जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पुलिस विभाग ने कुल तेरह सुरक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इनमें तीन चेक पोस्ट हैं और दस चौकियां शामिल हैं।
चेक पोस्ट और चौकियों में तैनात जवान सीमा पर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे हैं, लेकिन बर्फबारी का मौसम शुरू होते ही इन्हें पीछे हटने को कहा गया है। इससे पहले इस सीमा की सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी के पास था। करीब तीन साल पहले आईटीबीपी को यहां हटा दिया गया है और आईआरबी के जवान सीमा पर तैनात हैं।
सर्दियों के मौसम में सीमांत क्षेत्रों में भारी बर्फबारी होती है। ऐसे में यहां टिकना नामुमकिन होता है। ऐसे में चंबा-जम्मू-कश्मीर की सीमा पर तैनात आईआरबी के जवानों को निचले क्षेत्रों में बुला लिया जाता है। मौसम खुलते ही इन्हें फिर से सीमा पर भेज दिया जाता है।
डीएसपी हेडक्वार्टर चंबा वीर बहादुर सिंह ने कहा कि दो चौकियों में तैनात जवानों को नीचे बुलाया गया है। स्थायी चेक पोस्ट अपने स्थान पर बनी रहेंगी। बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों से आईआरबी जवानों को निचले क्षेत्रों में बुला लिया जाएगा।